रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर) | 28 जुलाई 2026
उत्तराखंड के चर्चित रुद्रपुर सामूहिक दुष्कर्म मामले में मंगलवार को उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब पुलिस अभिरक्षा में ले जाए जा रहे दो आरोपियों ने मौके का फायदा उठाकर भागने का प्रयास किया। हालांकि पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों का पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान घटनास्थल पर मौजूद आक्रोशित भीड़ ने भी आरोपियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट कर दी। बाद में पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपियों को सुरक्षित कोतवाली पहुंचाया।
क्राइम सीन रिक्रिएट करने के बाद हुआ घटनाक्रम
पुलिस मंगलवार को गैंगरेप मामले के दोनों गिरफ्तार आरोपियों को घटनास्थल पर क्राइम सीन रिक्रिएट कराने के लिए लेकर गई थी। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब पुलिस टीम आरोपियों को वापस कोतवाली लेकर लौट रही थी, तभी रास्ते में भारी भीड़ और यातायात के दबाव के बीच दोनों आरोपियों ने भागने की कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी पुलिसकर्मियों को धक्का देकर भागे, लेकिन पुलिस ने तुरंत उनका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर दोनों को दबोच लिया।
भीड़ का फूटा गुस्सा, आरोपियों की हुई पिटाई
दोबारा गिरफ्तारी के बाद मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क उठा। बड़ी संख्या में एकत्र लोगों ने दोनों आरोपियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। भीड़ में शामिल लोग आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे थे।
स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई और घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस ने बल प्रयोग कर संभाला हालात
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पहले लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ लगातार बढ़ती गई। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे हटाया और आरोपियों को सुरक्षित निकालकर पुलिस वाहन तक पहुंचाया।
इसके बाद दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोतवाली ले जाया गया।
पुलिस अभिरक्षा पर उठे सवाल
पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। पुलिस हिरासत में होने के बावजूद आरोपियों का भागने का प्रयास करना और भीड़ का उनके इतने करीब पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की ओर इशारा करता है।
स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
एसएसपी ने बताया कैसे हुई भागने की कोशिश
ऊधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने बताया कि दोनों आरोपियों को घटनास्थल का निरीक्षण कराने के बाद वापस लाया जा रहा था। इसी दौरान यातायात का दबाव बढ़ गया और पुलिस वाहन अचानक बंद हो गया।
उन्होंने बताया कि दूसरी गाड़ी की व्यवस्था कर आरोपियों को उसमें शिफ्ट किया जा रहा था। इसी दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिसकर्मियों से खुद को छुड़ाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आवश्यक बल प्रयोग कर उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी ने कहा कि इसके बाद आरोपियों को सुरक्षित दूसरे वाहन में बैठाकर कोतवाली लाया गया। भीड़ के आक्रोश को भी पुलिस ने सूझबूझ से नियंत्रित किया और अब दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार 25 जुलाई को रुद्रपुर के सिडकुल क्षेत्र में कार्यरत एक युवती ने तीन युवकों पर अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
प्राथमिकी के अनुसार युवती रात के समय अपनी एक सहेली और दो युवकों के साथ भूरारानी रोड पर मौजूद थी। इसी दौरान बाइक सवार तीन आरोपी वहां पहुंचे और कथित तौर पर चारों को जबरन अपने साथ ले जाने लगे।
रास्ते में एक युवक और एक युवती चलती बाइक से कूदकर बच निकले, जबकि पीड़िता और एक युवक को आरोपी अपने साथ गदरपुर की ओर ले गए। आरोप है कि रास्ते में युवक को उतारने के बाद आरोपी पीड़िता को अपने साथ ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। अगले दिन सुबह उसे मेट्रोपोलिस अंडरपास के पास छोड़कर आरोपी फरार हो गए।
सूचना मिलते ही शुरू हुई कार्रवाई
पीड़िता द्वारा घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। युवती का मेडिकल परीक्षण कराया गया, उसकी काउंसलिंग कराई गई और परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया।
इसके साथ ही फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल पर भेजकर साक्ष्य एकत्र किए गए तथा तीनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।
पुलिस मुठभेड़ में एक आरोपी घायल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के अनुसार 27 और 28 जुलाई की रात पुलिस जब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने पहुंची तो आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी गुरबाज के पैर में गोली लगी, जबकि दो अन्य आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी गुरबाज के खिलाफ पहले से 17 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों को मंगलवार को घटनास्थल पर ले जाकर जांच प्रक्रिया पूरी कराई गई थी, जिसके बाद वापसी के दौरान भागने की यह घटना हुई।
पुलिस ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस हिरासत से भागने के प्रयास की घटना की भी अलग से समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
निष्कर्ष
रुद्रपुर गैंगरेप मामले में आरोपियों द्वारा पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश और उसके बाद भीड़ द्वारा की गई मारपीट ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक गंभीर बना दिया है। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और अभिरक्षा प्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि गैंगरेप मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और सभी आरोपियों के विरुद्ध उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



