देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी की मांग के बाद सरकार का बड़ा फैसला, परिजनों को निष्पक्ष जांच से न्याय मिलने की उम्मीद
स्थान: देहरादून
तारीख: 03 अगस्त 2026
देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र की रहने वाली शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में उत्तराखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस संवेदनशील प्रकरण की जांच अब अपराध अनुसंधान विभाग (CB-CID) को सौंप दी गई है। शासन की ओर से इस संबंध में लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं। अब पूरे मामले की नए सिरे से विस्तृत और निष्पक्ष जांच की जाएगी।
सृष्टि कंडारी की मौत के बाद से ही परिजन और स्थानीय लोग लगातार स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की गहराई से पड़ताल नहीं की गई, जिससे घटना से जुड़े सभी तथ्य सामने नहीं आ सके। इसी मांग को लेकर देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर मामले को CB-CID को सौंपने का अनुरोध किया था।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि सृष्टि कंडारी की मौत केवल एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र का संवेदनशील मामला है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई जाए ताकि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, उत्पीड़न या आपराधिक साजिश सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल गृह विभाग को जांच CB-CID को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। शासन का मानना है कि इस प्रकार के संवेदनशील मामलों में स्वतंत्र जांच एजेंसी द्वारा जांच कराए जाने से सभी तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण संभव होता है और आम जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होता है।
CB-CID अब इस प्रकरण से जुड़े सभी दस्तावेजों, पुलिस विवेचना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी पहलुओं की दोबारा समीक्षा करेगी। आवश्यकता पड़ने पर गवाहों के बयान फिर से दर्ज किए जा सकते हैं और संबंधित व्यक्तियों से दोबारा पूछताछ भी की जाएगी। जांच एजेंसी यह भी परखेगी कि शुरुआती विवेचना में कोई महत्वपूर्ण तथ्य छूट तो नहीं गया या किसी कोण से पर्याप्त जांच नहीं हुई।
शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर लगातार सवाल उठ रहे थे। लोगों का कहना था कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की आशंका या भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। यही कारण रहा कि स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग लगातार तेज होती गई।
CB-CID जांच के आदेश जारी होने के बाद देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि जांच एजेंसी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से अपनी जांच पूरी करेगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय की प्रक्रिया में समाज का विश्वास बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
जानिए क्या है पूरा मामला
सृष्टि कंडारी की शादी नवंबर 2025 में हर्रावाला निवासी सौरभ खत्री से हुई थी। सौरभ खत्री सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत बताए जाते हैं, जबकि सृष्टि कंडारी सरकारी विद्यालय में शिक्षिका थीं।
परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद सृष्टि को ससुराल पक्ष की ओर से लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। आरोप है कि उसे दहेज को लेकर बार-बार ताने दिए जाते थे और उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था। परिजनों का कहना है कि इसी मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर सृष्टि ने आत्महत्या कर ली।
सृष्टि की मां की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। इस प्रकरण में सृष्टि के पति, सास और ननद के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। अब यह पूरी जांच CB-CID के हाथों में होगी, जो सभी तथ्यों और साक्ष्यों का नए सिरे से परीक्षण करेगी।
निष्कर्ष
सृष्टि कंडारी मौत प्रकरण में CB-CID जांच के आदेश के बाद अब पूरे प्रदेश की निगाहें जांच एजेंसी की कार्रवाई पर टिकी हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से घटना से जुड़े सभी तथ्य सामने आएंगे और यदि किसी की भूमिका या जिम्मेदारी सिद्ध होती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार का यह कदम न्याय प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और मामले की सच्चाई सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



