देहरादून | 10 अगस्त 2026
देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में नंदा की चौकी पुल की क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। सहसपुर के भाऊवाला में आयोजित महिला संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम से लौटते समय मुख्यमंत्री नंदा की चौकी पहुंचे और निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था तथा यातायात संचालन की स्थिति का जायजा लिया।
पुनर्निर्माण कार्य की गुणवत्ता परखी
मुख्यमंत्री ने कार्यस्थल पर मौजूद अधिकारियों और अभियंताओं से एप्रोच रोड के पुनर्निर्माण से जुड़ी पूरी जानकारी ली। उन्होंने निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और सड़क की मजबूती को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुनर्निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और आम लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा।
12 घंटे में पूरा किया गया पुनर्निर्माण
नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने के बाद राज्य सरकार ने संबंधित विभागों को तत्काल राहत और पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद युद्धस्तर पर काम करते हुए एप्रोच रोड का पुनर्निर्माण करीब 12 घंटे में पूरा कर लिया गया।
तेजी से काम पूरा होने के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को जल्द सामान्य किया जा सका। मुख्यमंत्री ने इस दौरान पुनर्निर्माण कार्य में जुटे अधिकारियों, अभियंताओं और कर्मचारियों के त्वरित प्रयासों की सराहना भी की।
उद्घाटन के महज 16 दिन बाद सामने आई थी खामी
नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड 28 जुलाई को हुई भारी बारिश के बाद क्षतिग्रस्त हो गई थी। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि पुल का उद्घाटन इसके क्षतिग्रस्त होने से करीब 16 दिन पहले ही हुआ था।
करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस पुल की एप्रोच रोड के इतने कम समय में क्षतिग्रस्त होने को लेकर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे। विपक्षी दल कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए थे।
जांच के बाद निर्माण संस्था पर कार्रवाई
एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने के बाद सरकार की ओर से मामले की जांच कराई गई। जांच के आधार पर निर्माण से जुड़ी एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की गई और संबंधित निर्माण संस्था का लाइसेंस निलंबित किया गया। इसके साथ ही जिम्मेदारी तय करते हुए कुछ अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
नंदा की चौकी पुल को लेकर निर्माण संस्था और उसके कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर भी उस समय राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई थी। विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई थी।
सीएम के निरीक्षण से फिर चर्चा में आया मामला
सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मौके पर पहुंचने के बाद नंदा की चौकी पुल एक बार फिर चर्चा में आ गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से निर्माण कार्य की स्थिति की जानकारी लेते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि सड़क लंबे समय तक सुरक्षित और मजबूत बनी रहे।
निष्कर्ष
नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड का निर्माण पूरा होने के कुछ ही दिनों बाद क्षतिग्रस्त होना निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर चुका है। सरकार की ओर से जांच और कार्रवाई के बाद अब मुख्यमंत्री का मौके पर निरीक्षण इस बात का संकेत है कि पुनर्निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आने वाले समय में सड़क की मजबूती और निर्माण की टिकाऊ गुणवत्ता ही इस पूरे मामले में सरकार की कार्रवाई की वास्तविक कसौटी होगी।


