देहरादून | 13 अगस्त 2026
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में तिरंगा फहराकर प्रदेशवासियों को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपने घरों, प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रध्वज फहराने तथा तिरंगे के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
राष्ट्रभक्ति और एकता का उत्सव है हर घर तिरंगा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के प्रति समर्पण, एकता, स्वाभिमान और गौरव की भावना का उत्सव है। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की अस्मिता, त्याग, संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है। प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्रध्वज की गरिमा और सम्मान को बनाए रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज देशभर में जनभागीदारी का व्यापक अभियान बन चुका है। इसका उद्देश्य नागरिकों को राष्ट्र निर्माण और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना से जोड़ना है।
उत्तराखंड के हर परिवार से अभियान में जुड़ने की अपील
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि के रूप में देश की रक्षा और सेवा में हमेशा अग्रणी रहा है। प्रदेश के हजारों जवानों ने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना योगदान दिया है। ऐसे में उत्तराखंड के प्रत्येक परिवार को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामूहिक भागीदारी से प्रदेश की गौरवशाली राष्ट्रभक्ति की परंपरा और मजबूत होगी।
14 अगस्त को मनाया जाएगा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
भारत विभाजन की त्रासदी और उससे जुड़ी घटनाओं के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के लिए 14 अगस्त 2026 को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्य और जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस दिवस का उद्देश्य नई पीढ़ी को वर्ष 1947 के भारत विभाजन की त्रासदी, उससे प्रभावित लाखों लोगों के संघर्ष, पीड़ा और बलिदान से परिचित कराना है। साथ ही विभाजन पीड़ित परिवारों की स्मृतियों और उनके संघर्ष को सम्मानपूर्वक संरक्षित करने का प्रयास किया जाएगा।
देहरादून में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम
सूचना विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में देहरादून में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मतुआ समुदाय के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और योगदान पर तैयार किए गए लघु वृत्तचित्र की आधिकारिक स्क्रीनिंग की जाएगी।
इसके अलावा विभाजन विभीषिका से संबंधित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें विभाजन के दौरान प्रभावित परिवारों की पीड़ा, संघर्ष और परिस्थितियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
सभी जिलों में लगाई जाएगी डिजिटल प्रदर्शनी
राज्य के सभी जिलों में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से तैयार की गई डिजिटल प्रदर्शनी को प्रदर्शित किया जाएगा। इस प्रदर्शनी में भारत विभाजन से प्रभावित परिवारों के संघर्ष और पीड़ा को विभिन्न माध्यमों से सामने रखा जाएगा।
इसके साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में वाद-विवाद, भाषण, क्विज प्रतियोगिता, व्याख्यान और परिचर्चा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों और युवाओं को विभाजन की ऐतिहासिक घटनाओं और उसके मानवीय प्रभावों से अवगत कराने का प्रयास किया जाएगा।
राष्ट्रध्वज के सम्मान के साथ इतिहास की स्मृतियों को संजोने पर जोर
मुख्यमंत्री धामी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के संदेश और 14 अगस्त को आयोजित होने वाले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के कार्यक्रमों का उद्देश्य देशभक्ति के साथ-साथ इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। सरकार की ओर से दोनों अभियानों में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे राष्ट्रीय गौरव और नागरिक जिम्मेदारी से जोड़ें। वहीं, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के माध्यम से विभाजन की पीड़ा और उससे प्रभावित लोगों के संघर्ष को याद कर नई पीढ़ी को इतिहास की वास्तविकताओं से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।


