देहरादून | 15 अगस्त 2026
उत्तराखंड में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस मुख्यालय देहरादून में राष्ट्रीय पर्व गरिमापूर्ण तरीके से मनाया गया। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने ध्वजारोहण कर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया।
156 पुलिसकर्मियों को मिला सम्मान
समारोह के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कुल 156 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क ‘गोल्ड’, पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क ‘सिल्वर’ और पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। सम्मानित पुलिसकर्मियों के कार्यों में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, साइबर अपराध नियंत्रण, आपदा एवं राहत कार्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए गए सराहनीय प्रयास शामिल रहे।
स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को किया नमन
अपने संबोधन में डीजीपी दीपम सेठ ने प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिन देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, वीर नायकों और अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद करने का अवसर है। उनके त्याग, साहस और बलिदान के कारण देशवासियों को स्वतंत्र राष्ट्र में रहने का अधिकार मिला है।
डीजीपी ने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता, संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। पुलिस बल इस जिम्मेदारी को निभाने में हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़ा रहा है।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से लेकर बड़े आयोजनों तक सुरक्षा की जिम्मेदारी
दीपम सेठ ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने बीते समय में विभिन्न महत्वपूर्ण आयोजनों और चुनौतियों के दौरान अपनी पेशेवर क्षमता का परिचय दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री की मौजूदगी में आयोजित पांच दिवसीय न्याय संहिता प्रदर्शनी के सफल आयोजन तक पुलिस ने अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाया।
चारधाम यात्रा और कांवड़ मेले में बड़ी जिम्मेदारी
डीजीपी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा और कांवड़ मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था संभालना उत्तराखंड पुलिस के लिए बड़ी चुनौती रहती है। पुलिस ने विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सुरक्षा, सेवा और आस्था के बीच संतुलन कायम रखने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि इन बड़े आयोजनों में पुलिसकर्मियों की सतर्कता, लगातार ड्यूटी और टीमवर्क ने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
साइबर अपराध नियंत्रण में भी उत्तराखंड पुलिस की उपलब्धि
डीजीपी दीपम सेठ ने साइबर अपराध प्रबंधन के क्षेत्र में प्रदेश पुलिस की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रगति समीक्षा बैठक में उत्तराखंड पुलिस को साइबर अपराध प्रबंधन के क्षेत्र में देश के शीर्ष पांच राज्यों में स्थान मिला है।
इसके साथ ही पासपोर्ट सत्यापन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारत सरकार की ओर से स्टेट पुलिस के लिए Institutional Performance Award मिलना भी पुलिस की कार्यकुशलता की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
सिलक्यारा और धराली रेस्क्यू मॉडल की हुई सराहना
डीजीपी ने आपदा एवं राहत कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि BRICS सम्मेलन के दौरान सिलक्यारा टनल और धराली-हर्षिल रेस्क्यू मॉडल की सराहना होना उत्तराखंड पुलिस एवं संबंधित बचाव तंत्र की क्षमता को दर्शाता है। पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन और त्वरित राहत-बचाव अभियान पुलिस की जिम्मेदारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
खिलाड़ियों ने भी बढ़ाया पुलिस का गौरव
डीजीपी ने उत्तराखंड पुलिस के खिलाड़ियों की उपलब्धियों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर विभाग और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
पुलिसकर्मियों के कल्याण और प्रोत्साहन के क्षेत्र में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में 950 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को समयबद्ध पदोन्नति दी गई है।
जवानों को बताया पुलिस की असली ताकत
डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस की उपलब्धियों के पीछे मैदान में लगातार काम करने वाले हजारों पुलिसकर्मियों की मेहनत है। उन्होंने बैरियर पर दिन-रात तैनात जवानों, परिवार से दूर रहकर ड्यूटी निभाने वाली महिला पुलिसकर्मियों, वाहन चालकों, यातायात पुलिसकर्मियों, वायरलेस ऑपरेटरों, साइबर विशेषज्ञों और फील्ड में जिम्मेदारी संभाल रहे प्रत्येक पुलिसकर्मी को विभाग की असली ताकत बताया।
उन्होंने पुलिसकर्मियों से इसी समर्पण, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ जनता की सेवा करते रहने का आह्वान किया।
निष्कर्ष
स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस मुख्यालय में आयोजित समारोह ने उत्तराखंड पुलिस के त्याग, सेवा और पेशेवर जिम्मेदारी को रेखांकित किया। 156 पुलिसकर्मियों का सम्मान जहां उनके उत्कृष्ट कार्यों की पहचान बना, वहीं डीजीपी का संदेश पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य को राष्ट्रसेवा, जनसुरक्षा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी जिम्मेदारी और मजबूती से निभाने की प्रेरणा देता है।








