स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 21 अगस्त 2026
अंकिता हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने मामले की सीबीआई जांच की अब तक की प्रगति को प्रदेश की जनता के सामने सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लंबे समय से इस मामले को लेकर कई सवाल अनुत्तरित हैं, इसलिए सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीधे सवाल किया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच इस समय किस स्तर पर है और जांच एजेंसी की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है। पार्टी का कहना है कि जांच की प्रगति को लेकर जनता को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
कथित वीआईपी एंगल पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी पहलू को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा है। उनका आरोप है कि मामले में जिन लोगों के नाम कथित तौर पर सामने आए, उनके खिलाफ अब तक अपेक्षित कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि मामले से जुड़े बताए जा रहे दो कथित वीआईपी व्यक्तियों को लेकर अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई के सवाल उठते रहे हैं। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि इनमें से एक व्यक्ति को राजस्थान में पदोन्नति मिली, जबकि दूसरे के खिलाफ भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
सीबीआई जांच की जानकारी जनता के सामने रखने की मांग
कांग्रेस ने कहा कि उसकी पहली और प्रमुख मांग यही है कि सीबीआई जांच की अब तक की प्रगति रिपोर्ट प्रदेश की जनता के सामने रखी जाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
कांग्रेस ने मांग की कि हत्याकांड से जुड़े सभी आरोपों और कथित वीआईपी कनेक्शन की जांच निष्पक्ष तरीके से हो तथा यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कांग्रेस बोली, न्याय मिलने तक उठता रहेगा मामला
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता और प्रदेश की जनता को न्याय मिलने तक पार्टी इस मुद्दे को उठाती रहेगी। उनका कहना है कि यह मामला केवल एक परिवार के न्याय तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और व्यवस्था पर लोगों के भरोसे से भी जुड़ा हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि जांच की प्रगति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आने से लोगों के बीच सवाल पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र जांच एजेंसी द्वारा की जा रही जांच की स्थिति को लेकर सरकार को जनता के सामने पारदर्शी तरीके से जानकारी रखनी चाहिए।
सत्ता में आने पर कार्रवाई का दावा
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि यदि भविष्य में प्रदेश में उनकी सरकार बनती है तो मामले में दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पार्टी ने कहा कि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाना चाहिए और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच जांच पर नजर
अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड में लंबे समय से संवेदनशील और चर्चित मुद्दा रहा है। अब कांग्रेस की ओर से सीबीआई जांच की प्रगति सार्वजनिक करने की मांग सामने आने के बाद इस मामले पर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है।
फिलहाल कांग्रेस के आरोपों और मांगों के बीच निगाहें सरकार और जांच एजेंसी की ओर हैं। यदि सीबीआई जांच की प्रगति को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने आती है तो उससे मामले में आगे की दिशा को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
निष्कर्ष
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी ने कथित वीआईपी पहलू समेत मामले के सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और संबंधित जांच एजेंसी इस मांग पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देती है।


