देहरादून | 1 सितंबर 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा के खिलाफ मुस्लिम समुदाय को लेकर कथित आपत्तिजनक और धमकी भरी टिप्पणी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुस्लिम सेवा संगठन की ओर से नगर कोतवाली में दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वीडियो में मुस्लिम समुदाय को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। पुलिस ने शिकायत के साथ उपलब्ध कराए गए डिजिटल साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर दर्ज कराई गई शिकायत
मुस्लिम सेवा संगठन के पदाधिकारी कैफ खान ने देहरादून नगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
शिकायत के अनुसार, वीडियो में मुस्लिम समुदाय को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक और धमकी भरी बातें कही गई हैं। संगठन का आरोप है कि वीडियो में समुदाय के लोगों के साथ अभद्रता करने से संबंधित टिप्पणी भी की गई है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार यह वीडियो गांधी रोड क्षेत्र स्थित कार्यालय में बनाया गया बताया जा रहा है।
31 अगस्त को फेसबुक पर वीडियो शेयर होने का दावा
मुस्लिम सेवा संगठन की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में दावा किया गया है कि संबंधित वीडियो 31 अगस्त की शाम करीब पांच बजे फेसबुक के एक अकाउंट से शेयर किया गया था।
मामले को लेकर संगठन ने पुलिस को वीडियो से संबंधित डिजिटल साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। शिकायतकर्ताओं की ओर से वीडियो की पेन ड्राइव और सोशल मीडिया लिंक पुलिस को सौंपा गया है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि वीडियो कब और कहां रिकॉर्ड किया गया, इसे किस सोशल मीडिया अकाउंट से प्रसारित किया गया और वीडियो में मौजूद सामग्री की वास्तविकता क्या है।
संगठन ने लगाए गंभीर आरोप
मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने आरोप लगाया कि हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा द्वारा पहले भी मुस्लिम समुदाय से जुड़ी महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद एक बार फिर मुस्लिम समुदाय को लेकर कथित आपत्तिजनक और धमकी भरी टिप्पणी की गई, जिसके चलते संगठन ने पुलिस से शिकायत कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
संगठन का कहना है कि इस प्रकार की टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को प्रभावित कर सकती हैं।
कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
मुस्लिम सेवा संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस और प्रशासन से मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन की ओर से कहा गया है कि यदि शिकायत के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन करने के लिए मजबूर हो सकता है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि किसी भी संभावित आंदोलन की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और पुलिस की होगी।
डिजिटल सबूत पुलिस ने जांच के लिए लिए कब्जे में
मामले की जांच के दौरान पुलिस को शिकायतकर्ताओं की ओर से उपलब्ध कराए गए डिजिटल साक्ष्य सौंपे गए हैं। इनमें वीडियो रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया से संबंधित जानकारी शामिल है।
पुलिस वायरल वीडियो की मूल रिकॉर्डिंग, उसकी सत्यता और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि वीडियो में मौजूद कथित बयान किस संदर्भ में दिए गए और उपलब्ध सामग्री के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ तो नहीं की गई है।
नगर कोतवाली पुलिस कर रही मामले की जांच
नगर कोतवाली के प्रभारी कैलाश चंद्र भट्ट के अनुसार पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस वीडियो की सत्यता, मूल रिकॉर्डिंग और उसमें कही गई बातों की पड़ताल कर रही है।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों को जांच में शामिल किया गया है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि मामले में सभी तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष
देहरादून में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। मुस्लिम सेवा संगठन ने वीडियो में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और धमकी भरी टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया है।
फिलहाल पुलिस ने उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को जांच के दायरे में लेकर वीडियो की सत्यता और मूल रिकॉर्डिंग की पड़ताल शुरू कर दी है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


