एक देश-एक चुनाव विधेयक में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और बहुमत न होने की स्थिति में जर्मनी और जापान के मॉडल अपनाने पर विचार हो रहा है। उत्तराखंड में पर्यटन और मजदूरों पर चुनाव के असर को भी देखा जा रहा है। समिति सभी वर्गों से बात करके समाधान निकालने का प्रयास कर रही है ताकि मतदान प्रतिशत बढ़ाया जा सके।
उत्तराखंड में मार्च-अप्रैल व मई पर्यटन की दृष्टि से अहम
मौसम भी चुनाव को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि देश में 4.85 करोड़ मजदूर ऐेसे हैं जो दूसरे राज्यों में काम करते हैं। ऐसे में बार-बार चुनाव के दौरान उन्हें अपने राज्यों में जाना पड़ता है। इससे उद्योग भी प्रभावित होते हंै। इन्हीं सब बातों को देखते हुए इस विषय पर अभिभावकों, व्यापारियों सहित सभी वर्गों से बात करने को कहा गया है।
मतदान प्रतिशत पर भी पड़ता है असर
समिति के अध्यक्ष ने एक सवाल के जवाब में कहा कि बार-बार चुनाव होने से इसका असर मतदान प्रतिशत पर भी नजर आता है। एक साथ चुनाव होने से यह प्रतिशत बढ़ सकता है।
जनता के लिए है विधेयक
समिति के अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है। समिति में जितने भी सदस्य हैं सब अलग-अलग राजनीतिक दलों से हैं। संसद के भीतर उनकी जो भी भूमिका हो, लेकिन समिति के सदस्य के रूप में सभी संसदीय परंपराओं के अनुसार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी दिक्कत बताई जा रही है, समिति उसका समाधान निकालने का प्रयास कर रही है।


