BREAKING

हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारियों पर सीएम धामी सख्त, अक्टूबर तक हर काम पूरा करने का अल्टीमेटम, लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी, भव्य-दिव्य-सुरक्षित कुंभ पर सरकार का फोकस

देहरादून | उत्तराखंड
दिनांक: 9 फरवरी 2026

हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेला 2027 को लेकर उत्तराखंड सरकार ने तैयारियों की रफ्तार तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कुंभ से जुड़े सभी कार्य अक्टूबर माह तक हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने दो टूक कहा कि गुणवत्ता और समयसीमा से कोई समझौता नहीं होगा तथा लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई तय है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला राज्य की आस्था, संस्कृति और वैश्विक पहचान से जुड़ा महाआयोजन है। ऐसे में सभी निर्माण कार्य तय समय में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे होने चाहिए। उन्होंने शासन स्तर पर कुंभ से संबंधित किसी भी फाइल को लंबित न रखने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी स्तर पर शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे


पुलों का ऑडिट, घाटों का सौंदर्यीकरण अनिवार्य
सीएम धामी ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि कुंभ क्षेत्र में बने सभी पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। साथ ही सभी प्रमुख और सहायक घाटों का सौंदर्यीकरण व आवश्यकता अनुसार पुनर्निर्माण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि हर की पैड़ी के साथ-साथ अन्य सभी घाटों पर भी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुव्यवस्थित स्नान की पुख्ता व्यवस्था हो।


स्वच्छता, पेयजल और शौचालय पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त शौचालय, पेयजल, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


सुरक्षा, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन की अलग रणनीति
कुंभ मेले में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सीएम ने पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल, जल पुलिस, ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के निर्देश दिए। साथ ही कानून-व्यवस्था, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन के लिए अलग से विस्तृत योजना तैयार करने को कहा।


अखाड़ों को समय पर भूमि आवंटन, संत समाज से समन्वय
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विभिन्न अखाड़ों को समय पर भूमि आवंटन किया जाए और इसकी मॉनिटरिंग स्वयं मेला अधिकारी करें। उन्होंने सभी अखाड़ों, मठों, संत समाज, संस्थाओं और स्थानीय लोगों से निरंतर संवाद व समन्वय बनाकर उनकी सलाह के अनुरूप तैयारियां करने पर जोर दिया।


अतिक्रमण हटाने से लेकर चिकित्सा व्यवस्था तक निर्देश
श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही वन संबंधी मामलों में शीघ्र अनुमति लेने, अन्य राज्यों से समन्वय स्थापित करने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कुंभ से जुड़े विकास कार्य कागजों के साथ-साथ धरातल पर भी दिखाई दें
सीएम ने आवास, टेंट सिटी, अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस और मोबाइल मेडिकल टीमों की व्यवस्था समय रहते पूरी करने के निर्देश भी दिए।


“हर श्रद्धालु अच्छा अनुभव लेकर लौटे”
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुंभ मेला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा आयोजन है और इसे सफल बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि हरिद्वार आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु उत्तराखंड से सकारात्मक और यादगार अनुभव लेकर जाए।


बैठक में ये रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, रेनू बिष्ट, अनुपमा रावत, रवि बहादुर, उत्तराखंड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल. फैनई, आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


निष्कर्ष

हरिद्वार कुंभ 2027 को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त समयसीमा और जवाबदेही तय कर स्पष्ट संदेश दे दिया है कि यह आयोजन केवल भव्य ही नहीं, बल्कि दिव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित होगा। अक्टूबर तक सभी कार्य पूरे करने का अल्टीमेटम प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन सरकार की मंशा साफ है—कुंभ की तैयारियों में कोई कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *