परिवहन विभाग ने जारी की नई गाइडलाइन, एएनपीआर कैमरों से होगी निगरानी, यात्रियों को दिए गए अहम निर्देश
स्थान: देहरादून/दिल्ली
तारीख: 13 अप्रैल 2026
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए परिवहन विभाग ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर अब वाहनों की गति सीमा तय कर दी गई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्पीड पर कड़ी निगरानी, एएनपीआर कैमरे सक्रिय
एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों पर नजर रखने के लिए अत्याधुनिक एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे वाहनों की गति और नंबर प्लेट को रिकॉर्ड कर तुरंत चालान जारी करने में सक्षम हैं।
परिवहन विभाग का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और दुर्घटनाओं को कम करना है।
लेन ड्राइविंग के सख्त नियम लागू
नई गाइडलाइन के तहत एक्सप्रेसवे पर लेन ड्राइविंग का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।
बाईं लेन में भारी वाहन चलेंगे, जबकि बीच की लेन सामान्य वाहनों के लिए निर्धारित की गई है। ओवरटेक करने के लिए केवल दाईं लेन का ही इस्तेमाल करना होगा।
रुकना और यू-टर्न पूरी तरह प्रतिबंधित
एक्सप्रेसवे पर कहीं भी वाहन रोकना या यू-टर्न लेना पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। यात्रा शुरू करने से पहले एंट्री और एग्जिट प्वाइंट तय करने की सलाह दी गई है, ताकि बीच रास्ते में कोई परेशानी न हो।
इमरजेंसी में क्या करें
यदि किसी कारणवश वाहन में खराबी आती है या आपात स्थिति बनती है, तो वाहन को सड़क के किनारे सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर तुरंत पेट्रोलिंग टीम या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
देहरादून एंट्री पर विशेष सावधानी जरूरी
देहरादून में आशारोड़ी के पास एक्सप्रेसवे पर तीव्र ढाल (स्टीप स्लोप) है। ऐसे में वाहन चालकों को यहां गति नियंत्रित रखने और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अन्य जरूरी निर्देश
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें और अनावश्यक रूप से हॉर्न बजाने से बचें, खासकर वन्यजीव क्षेत्रों में।
शराब पीकर वाहन चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है और दुर्घटना की स्थिति में घायलों की मदद करने की अपील की गई है।
निष्कर्ष:
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए लागू किए गए ये नियम यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम हैं। ऐसे में सभी वाहन चालकों को इन गाइडलाइंस का पालन करना जरूरी होगा, ताकि दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके और सफर सुगम व सुरक्षित बन सके।


