दिनांक: 3 मई 2026 | स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
देहरादून के चर्चित गैस कारोबारी अर्जुन शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने जांच पूरी करते हुए बड़ा कदम उठाया है। मामले में छह आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। विस्तृत जांच के दौरान पुलिस को लेनदेन विवाद, साजिश और हत्या से जुड़े ठोस सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर आरोपियों की संलिप्तता पुख्ता की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद से ही इस हत्याकांड की गहन और बहुस्तरीय जांच की जा रही थी। जांच के दौरान जुटाए गए भौतिक साक्ष्य, तकनीकी प्रमाण और गवाहों के बयानों ने पूरे घटनाक्रम की परतें खोल दीं। इस केस में 50 से अधिक गवाह बनाए गए हैं, जो कोर्ट में अहम भूमिका निभाएंगे।
इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की सिफारिश भी की है। इसके लिए जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि आरोपियों की गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण रखा जा सके और भविष्य में इस तरह के अपराधों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
गौरतलब है कि 11 फरवरी की सुबह तिब्बती मार्केट के बाहर गैस कारोबारी अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। जांच में सामने आया कि हत्या एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी, जिसमें पारिवारिक और आर्थिक विवाद अहम कारण रहे।
पुलिस जांच के अनुसार, इस हत्याकांड में मृतक की मां बीना शर्मा समेत अन्य सहयोगियों की भूमिका सामने आई। वहीं, शूटर पंकज राणा और राजीव उर्फ राजू ने गोली मारकर हत्या को अंजाम दिया। पुलिस ने घटना के अगले ही दिन कार्रवाई करते हुए दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया था।
चार्जशीट में शामिल आरोपी
बीना शर्मा – मृतक अर्जुन शर्मा की मां
विनोद उनियाल – बीना शर्मा का करीबी सहयोगी
संगीता उनियाल – विनोद उनियाल की पत्नी
डॉ. अजय खन्ना – संपत्ति सौदे से जुड़ा व्यक्ति
पंकज राणा – हत्या की सुपारी लेने का आरोपी
राजीव उर्फ राजू – मुख्य शूटर
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि इस मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच कर ठोस साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। चार्जशीट में हर महत्वपूर्ण तथ्य को शामिल किया गया है। साथ ही, आरोपियों के आपराधिक इतिहास को देखते हुए उनके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
निष्कर्ष
अर्जुन शर्मा हत्याकांड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि निजी और आर्थिक विवाद किस तरह घातक साजिश का रूप ले सकते हैं। पुलिस की सख्त और त्वरित कार्रवाई से मामले का खुलासा हुआ है, लेकिन अब न्यायिक प्रक्रिया में गवाहों और साक्ष्यों की मजबूती ही आरोपियों को सजा तक पहुंचाने में निर्णायक साबित होगी।


