BREAKING

ऋषिकेश में स्कूल प्रिंसिपल पर नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप: मुकदमा दर्ज

Calcutta, India - August 15, 2014: Indian police with walkie talkie. Police squad the place with walkie talkie.

तारीख: 27 मई 2024
स्थान: ऋषिकेश, उत्तराखंड

ऋषिकेश, उत्तराखंड: तीर्थनगरी ऋषिकेश में एक गंभीर और चिंताजनक मामला प्रकाश में आया है। ऋषिकेश आइडीपीएल क्षेत्र के एक विद्यालय के प्रिंसिपल पर नाबालिग छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और बदसलूकी का आरोप लगा है। परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

मामला 19 मई का है, जब क्षेत्र की एक महिला की 14 वर्षीय बेटी स्कूल से घर लौटी। छात्रा अत्यधिक डरी और सहमी हुई थी। जब उसकी मां ने कारण पूछा, तो छात्रा ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल ने उसे अपने ऑफिस में बुलाकर गलत तरीके से छुआ। उसकी पीठ पर हाथ फेरा और वह डर के मारे अब स्कूल नहीं जाना चाहती है।

इस घटना के बाद जब परिजनों ने उससे बात की, तो उसकी एक 13 वर्षीय सहेली ने भी हिम्मत जुटाकर अपने साथ हुई आपबीती साझा की। दूसरी छात्रा का आरोप है कि करीब 8 से 10 दिन पहले प्रिंसिपल ने उसे भी ऑफिस में बुलाकर कंधे पर हाथ डाला और गलत नीयत से छूने की कोशिश की। उसने बताया कि जब भी वह वॉशरूम जाने की अनुमति मांगती, तो प्रिंसिपल उसे जबरन गले लगाने और गलत तरीके से छूने का प्रयास करता था। ये हरकतें उसने दो से तीन बार अकेले में की हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन तुरंत स्कूल पहुंचे, लेकिन आरोपी प्रिंसिपल उस समय स्कूल में मौजूद नहीं था। इसके बाद उन्होंने पुलिस चौकी में लिखित तहरीर दी और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उपनिरीक्षक वर्षा रमोला को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। वह इस मामले की गहनता से जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि बच्चियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कठघरे में लाया जाएगा।

निष्कर्ष

यह मामला न केवल छात्राओं के यौन शोषण का है बल्कि यह सरकार और शिक्षा संस्थानों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानें और किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त न करें। राज्य सरकार भी इस तरह के मामलों में सख्त कदम उठाकर बच्चों को सुरक्षित माहौल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऋषिकेश में यह मामला एक बार फिर जागरूकता और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करता है। पुलिस और प्रशासन हर कदम पर तत्पर है ताकि दोषियों को कठोर से कठोर सजा मिले और पीड़ित छात्राओं को न्याय मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *