देहरादून, 20 मई 2026
उत्तराखंड में लोकायुक्त के मुद्दे को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Ganesh Godiyal ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही प्राथमिकता के आधार पर लोकायुक्त की स्थापना की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सत्ता में आते ही पुराने भ्रष्टाचार मामलों को भी उजागर करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून में मीडिया से बातचीत के दौरान गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Bhuvan Chandra Khanduri ने अपने दूसरे कार्यकाल में वर्ष 2011 में देश के सबसे सख्त और ऐतिहासिक लोकायुक्त विधेयकों में से एक लागू किया था। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी भ्रष्टाचार के खिलाफ हमेशा मुखर रहे और लोकायुक्त व्यवस्था को मजबूत करने के पक्षधर थे, लेकिन बाद की सरकारों ने इस कानून को प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर लोकायुक्त की नियुक्ति से बचती रही है। उन्होंने कहा कि जब Harish Rawat मुख्यमंत्री थे, तब राज्य में लोकायुक्त की स्थापना के लिए प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा गया था, लेकिन वह प्रस्ताव आज तक लंबित पड़ा हुआ है। गोदियाल ने दावा किया कि यह फाइल आज भी राजभवन में धूल खा रही है।
गणेश गोदियाल ने भाजपा सरकार और उसके मंत्रिमंडल पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकायुक्त का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना होता है, जबकि मौजूदा सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि लोकायुक्त की नियुक्ति हो जाती है तो मंत्रियों और अधिकारियों के भ्रष्टाचार की जांच संभव हो जाएगी, यही कारण है कि सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजनीतिक व्यवस्था कई तरह की “बीमारियों” से ग्रसित हो चुकी है और इन समस्याओं का एकमात्र समाधान सत्ता परिवर्तन है। गोदियाल ने कहा कि जब तक राज्य में सरकार नहीं बदलेगी, तब तक भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाना संभव नहीं होगा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि आगामी चुनावों में कांग्रेस सत्ता में आती है तो लोकायुक्त की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद पुराने भ्रष्टाचार मामलों की भी जांच कराई जाएगी ताकि दोषियों को कानून के तहत सजा मिल सके और जनता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था में बना रहे।
राज्य में लोकायुक्त को लेकर कांग्रेस के इस आक्रामक रुख ने उत्तराखंड की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बड़ा चुनावी विषय बन सकता है, क्योंकि भ्रष्टाचार और जवाबदेही जैसे मुद्दे लगातार जनता के बीच चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।


