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किच्छा में स्ट्रांग रूम के बाहर हंगामा, बेहड़-शुक्ला आमने-सामने; पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया

दिनांक: 22 सितंबर 2026
स्थान: किच्छा, ऊधम सिंह नगर

किच्छा नगर निकाय चुनाव के मतदान के बीच मंगलवार को स्ट्रांग रूम के बाहर उस समय माहौल गरमा गया, जब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच विवाद हो गया। स्ट्रांग रूम के सामने तिरपाल लगाए जाने पर कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने आपत्ति जताते हुए धरना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह भी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए।

मामला बढ़ने पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और हाथापाई की स्थिति बन गई। तनाव बढ़ता देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और मौजूदा विधायक तिलकराज बेहड़ तथा पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को हिरासत में ले लिया।

तिरपाल लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार किच्छा नगर पालिका चुनाव के मतदान के बाद स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। स्ट्रांग रूम के सामने लगाए गए तिरपाल को लेकर कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति जताई। कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ इसी मुद्दे को लेकर मौके पर धरने पर बैठ गए।

कुछ समय बाद कांग्रेस के नगर पालिका अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह भी समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंच गए। दोनों के धरने पर बैठने के बाद मौके पर समर्थकों की भीड़ बढ़ने लगी।

स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

राजेश शुक्ला के पहुंचते ही बढ़ा तनाव

इसी बीच भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी स्ट्रांग रूम के पास पहुंच गए। उनके पहुंचने के बाद कांग्रेस नेताओं और भाजपा नेता के बीच बहस शुरू हो गई।

कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह और राजेश शुक्ला के बीच हाथापाई की बात सामने आई।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव करते हुए दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास किया। काफी देर तक वहां तनाव की स्थिति बनी रही।

पुलिस ने बेहड़ और शुक्ला को लिया हिरासत में

बढ़ते विवाद को देखते हुए पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को हिरासत में ले लिया।

इस दौरान विधायक तिलकराज बेहड़ के बेटे सौरभ बेहड़ ने भी पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी कार्रवाई प्रशासन की मिलीभगत से हो रही है। उनका कहना था कि यदि चुनाव में हार हो रही है तो उसे स्वीकार किया जाना चाहिए, लेकिन उनके आरोप के अनुसार चुनाव प्रक्रिया में बेईमानी का कोई लाभ नहीं है।

सौरभ बेहड़ ने मुख्यमंत्री को फोन करने का किया दावा

सौरभ बेहड़ ने दावा किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को तीन से चार बार फोन करने का प्रयास किया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री मौके की स्थिति पर नजर रख रहे हैं तो उन्हें वहां मौजूद नेताओं के व्यवहार को भी देखना चाहिए।

उन्होंने राजेश शुक्ला को उनके पद से हटाए जाने की मांग भी की।

विधायक बेहड़ का आरोप- समर्थकों ने थप्पड़ मारा

किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने आरोप लगाया कि राजेश शुक्ला और उनके समर्थकों की ओर से उनके साथ मारपीट की गई और उनके गाल पर थप्पड़ मारा गया। उन्होंने इसी के विरोध में धरने पर बैठने की बात कही।

वहीं, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने भी अपने साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह स्ट्रांग रूम के पास स्थिति जानने पहुंचे थे और इसी दौरान उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।

शुक्ला ने यह भी कहा कि यदि तिलकराज बेहड़ चाहते हैं कि वह राजनीति से दूर हो जाएं तो वह राजनीति से संन्यास लेने के लिए तैयार हैं।

मतगणना को लेकर न्यायालय में मामला लंबित

किच्छा नगर पालिका चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान हुआ। मतदान से पहले प्रशासन की ओर से स्ट्रांग रूम की सुरक्षा, बैरिकेडिंग और सीसीटीवी व्यवस्था का निरीक्षण किया गया था।

चुनाव कार्यक्रम के अनुसार मतदान के बाद मतगणना को लेकर मामला न्यायालय में लंबित है। फिलहाल मतगणना अगले आदेश तक स्थगित बताई जा रही है। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।

पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोगों से स्ट्रांग रूम से करीब 500 मीटर की दूरी बनाए रखने को कहा है।

चुनावी माहौल के बीच बढ़ा राजनीतिक तनाव

किच्छा नगर पालिका चुनाव को लेकर पहले से ही तिलकराज बेहड़ और राजेश शुक्ला के समर्थकों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही थी। हालिया चुनावी रिपोर्टों में भी दोनों नेताओं द्वारा अपने-अपने समर्थित प्रत्याशियों के लिए सक्रिय प्रचार का उल्लेख किया गया था।

स्ट्रांग रूम के बाहर हुआ यह विवाद अब चुनावी प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी का नया मुद्दा बन गया है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता स्ट्रांग रूम की सुरक्षा बनाए रखने तथा किसी भी तरह के तनाव को आगे बढ़ने से रोकने की है।

निष्कर्ष

किच्छा में स्ट्रांग रूम के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते कांग्रेस और भाजपा नेताओं के आमने-सामने आने तक पहुंच गया। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को हिरासत में लिए जाने के बाद अब प्रशासन की नजर स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अगले कदमों पर है।

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