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उत्तराखंड में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित, वेतन और बोनस पर बनी सहमति; 4 नवंबर तक मिलेगा अगस्त का बकाया

स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 31 अक्टूबर 2026

देहरादून: उत्तराखंड में रोडवेज बसों के संचालन पर मंडरा रहा हड़ताल का संकट फिलहाल टल गया है। अपनी लंबित मांगों को लेकर 30 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले परिवहन निगम कर्मचारियों ने सरकार के साथ हुई वार्ता के बाद आंदोलन को स्थगित करने का फैसला लिया है। शनिवार को परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों की कई मांगों पर सहमति बनी। सबसे बड़ी राहत यह है कि कर्मचारियों को 4 नवंबर तक अगस्त महीने का वेतन दीपावली बोनस के साथ दिया जाएगा। वहीं, सितंबर महीने का वेतन नवंबर के अंत तक जारी करने का आश्वासन दिया गया है।

तीन महीने से वेतन का इंतजार, हर महीने 7 तारीख को भुगतान की मांग

दरअसल, उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारी पिछले तीन महीनों से वेतन भुगतान में हो रही देरी से परेशान थे। इसी के विरोध में कर्मचारी संगठनों ने 30 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को परिवहन मंत्री ने रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें कर्मचारियों ने मांग रखी कि भविष्य में वेतन का भुगतान हर महीने की 7 तारीख तक सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने पर सहमति बनी। फिलहाल कर्मचारियों को 4 नवंबर तक अगस्त का वेतन और दीपावली बोनस देने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद नवंबर के आखिरी सप्ताह तक सितंबर महीने का वेतन भी जारी करने की बात कही गई।

मुफ्त यात्रा की प्रतिपूर्ति में देरी से निगम पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव

बैठक में परिवहन निगम की आर्थिक स्थिति और सरकारी योजनाओं के भुगतान में होने वाली देरी का मुद्दा भी उठा। निगम की ओर से छात्रों, बुजुर्गों सहित विभिन्न पात्र श्रेणियों के यात्रियों को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाती है। इस सुविधा पर होने वाला खर्च शासन की ओर से निगम को प्रतिपूर्ति के रूप में दिया जाता है।

हालांकि, इस धनराशि के भुगतान में करीब दो महीने तक का समय लग जाता है। इससे निगम की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। अधिकारियों का मानना है कि प्रतिपूर्ति की राशि समय पर मिलने से निगम को वित्तीय राहत मिल सकती है।

वहीं, परिवहन विभाग के सचिव ने निगम पर वर्षों से चली आ रही करोड़ों रुपये की देनदारियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसका स्थायी समाधान निकालने के लिए वित्त विभाग के साथ बातचीत कर एकमुश्त समाधान की दिशा में प्रयास करना होगा।

निजी बसों को परमिट देने का मुद्दा भी उठा

कर्मचारी यूनियन ने बैठक में निगम के निर्धारित मार्गों पर निजी बसों को परमिट दिए जाने पर भी आपत्ति जताई। कर्मचारियों की मांग थी कि जिन रूटों पर परिवहन निगम बसों का संचालन कर रहा है, वहां निजी बसों के संचालन को लेकर उचित व्यवस्था बनाई जाए, ताकि निगम की आय प्रभावित न हो।

इसके अलावा संविदा और विशेष श्रेणी के कर्मचारियों के लिए समान काम के बदले समान वेतन का मुद्दा भी चर्चा में रहा। इस मांग पर सकारात्मक सहमति बनी है। निर्णय लिया गया कि इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार कर शासन और परिवहन निगम बोर्ड को भेजा जाएगा।

नियमितीकरण और मानदेय बढ़ाने पर भी विचार

परिवहन निगम की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते कर्मचारियों के नियमितीकरण का मामला भी लंबे समय से अटका हुआ है। बैठक में इस विषय पर परिवहन मंत्री ने आश्वासन दिया कि मामले में आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही संविदा और विशेष श्रेणी के कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया गया। कर्मचारियों ने नियमित कर्मचारियों की तरह ही इन श्रेणियों के कर्मियों को भी बेहतर आर्थिक लाभ देने की मांग रखी। इस संबंध में प्रस्ताव को निगम बोर्ड के समक्ष रखने पर सहमति बनी है।

वहीं, कर्मचारियों ने परिवहन निगम के बस बेड़े का विस्तार करने की आवश्यकता भी बताई। उनका कहना था कि निगम में बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और निगम की आमदनी में भी इजाफा होगा।

एक दिसंबर तक स्थगित की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल

बैठक के बाद उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने वार्ता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बैठक में कर्मचारियों की सभी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया गया है। परिवहन मंत्री की ओर से मांगों को जल्द पूरा करने का भरोसा दिया गया है।

अशोक चौधरी के मुताबिक, विभाग की ओर से मांगों को लेकर आधिकारिक कार्यक्रम जारी किए जाने के बाद यूनियन उसका अध्ययन करेगी और फिर आगे की रणनीति तय करेगी। फिलहाल कर्मचारियों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को एक दिसंबर तक स्थगित करने का निर्णय लिया है।

निष्कर्ष

उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों और सरकार के बीच हुई वार्ता के बाद फिलहाल रोडवेज बसों के संचालन पर बना संकट टल गया है। अगस्त के वेतन के साथ दीपावली बोनस और सितंबर के वेतन भुगतान को लेकर समयसीमा तय होने से कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, समान काम-समान वेतन, नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि और निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने जैसी मांगों पर अभी आगे की कार्रवाई बाकी है। ऐसे में अब सबकी नजरें सरकार और परिवहन निगम की ओर से किए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन पर रहेंगी।

 

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