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चार महीने बाद पर्यटकों के लिए फिर खुला देहरादून का FRI, बढ़ा प्रवेश शुल्क, आज से लागू हुई नई व्यवस्था

देहरादून, उत्तराखंड | सोमवार

देहरादून स्थित देश के प्रतिष्ठित वन अनुसंधान संस्थान (FRI) को आज से एक बार फिर पर्यटकों और आगंतुकों के लिए खोल दिया गया है। सुरक्षा कारणों के चलते करीब चार महीने पहले संस्थान को बंद कर दिया गया था। अब प्रशासन ने नई सुरक्षा व्यवस्था और संशोधित शुल्क संरचना के साथ पर्यटकों के प्रवेश को मंजूरी दे दी है।

एफआरआई के दोबारा खुलने से पर्यटकों, छात्रों और प्रकृति प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। हालांकि इस बार संस्थान में प्रवेश और संग्रहालय भ्रमण के लिए पहले से अधिक शुल्क चुकाना होगा।

सुरक्षा कारणों से जनवरी में किया गया था बंद

एफआरआई प्रशासन के अनुसार संस्थान को 16 जनवरी 2026 को सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अगले आदेश तक बंद किया गया था। उस दौरान आम पर्यटकों और बाहरी आगंतुकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी।

अब सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत करने और व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद संस्थान को फिर से खोलने का निर्णय लिया गया है।

एफआरआई की प्रभारी निदेशक ऋचा मिश्रा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत पर्यटकों की आवाजाही और सुरक्षा दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

भारतीय पर्यटकों के लिए बढ़ा प्रवेश शुल्क

नई दरों के अनुसार अब पैदल आने वाले भारतीय नागरिकों को एफआरआई परिसर में प्रवेश के लिए 100 रुपये शुल्क देना होगा।

यदि कोई पर्यटक संस्थान के प्रसिद्ध संग्रहालय का भ्रमण करना चाहता है, तो उसे इसके लिए 150 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे।

एफआरआई का संग्रहालय देशभर में वन विज्ञान, पर्यावरण और जैव विविधता से जुड़े दुर्लभ संग्रह के लिए प्रसिद्ध माना जाता है, जिसे देखने के लिए हर साल हजारों पर्यटक पहुंचते हैं।

विदेशी नागरिकों को चुकाने होंगे ज्यादा शुल्क

विदेशी पर्यटकों के लिए शुल्क में बड़ा इजाफा किया गया है। अब विदेशी नागरिकों को एफआरआई परिसर में प्रवेश के लिए 1000 रुपये देने होंगे।

वहीं संग्रहालय देखने के लिए उन्हें 1500 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा।

प्रशासन का कहना है कि बढ़े हुए शुल्क का उद्देश्य सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाना है।

वाहन पार्किंग के लिए भी लागू हुआ शुल्क

एफआरआई प्रशासन ने वाहन पार्किंग शुल्क भी तय कर दिया है। नई व्यवस्था के अनुसार—

  • स्कूटर और बाइक पार्किंग शुल्क – 50 रुपये
  • निजी कार और टैक्सी – 150 रुपये
  • ऑटो रिक्शा – 100 रुपये
  • बस और ट्रक – 300 रुपये

संस्थान परिसर में यातायात और पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए यह शुल्क लागू किया गया है।

छात्रों के लिए विशेष शुल्क व्यवस्था

एफआरआई प्रशासन ने छात्रों के लिए अलग शुल्क व्यवस्था लागू की है ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी संस्थान के शैक्षिक महत्व से जुड़ सकें।

स्कूली बच्चों के लिए संग्रहालय प्रवेश शुल्क 30 रुपये प्रति छात्र निर्धारित किया गया है। वहीं कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए यह शुल्क 50 रुपये प्रति छात्र रखा गया है।

प्रशासन का कहना है कि एफआरआई केवल पर्यटन स्थल ही नहीं बल्कि शिक्षा और शोध का महत्वपूर्ण केंद्र भी है।

पर्यटकों में उत्साह, स्थानीय कारोबार को भी उम्मीद

एफआरआई खुलने से देहरादून के पर्यटन कारोबार को भी राहत मिलने की उम्मीद है। होटल, टैक्सी और स्थानीय दुकानदारों का मानना है कि पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों को फायदा मिलेगा।

देहरादून आने वाले पर्यटकों के लिए एफआरआई लंबे समय से प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा है। इसकी ऐतिहासिक इमारत, हरियाली और संग्रहालय पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं।

निष्कर्ष

चार महीने बाद एफआरआई का दोबारा खुलना पर्यटकों और छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। हालांकि बढ़े हुए प्रवेश शुल्क ने लोगों का ध्यान जरूर खींचा है, लेकिन सुरक्षा और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए इसे जरूरी कदम माना जा रहा है।

अब देखना होगा कि नई व्यवस्था के बाद एफआरआई में पर्यटकों की संख्या पर क्या असर पड़ता है, लेकिन इतना तय है कि देहरादून का यह ऐतिहासिक संस्थान फिर से लोगों की रौनक से गुलजार होने जा रहा है।

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