डोईवाला, देहरादून | 11 अगस्त 2026
देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में जंगली हाथियों की बढ़ती आवाजाही अब ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। थानों क्षेत्र के बड़ासी ग्रांट में सोमवार शाम दूध लेकर घर लौट रही एक महिला पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे तत्काल देहरादून के कंबाइंड मेडिकल इंस्टीट्यूट (CMI) अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो गई।
मृतका की पहचान 40 वर्षीय अंजली गुप्ता के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत के साथ ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
सड़क पर हाथी ने महिला को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार 10 अगस्त की शाम करीब सात बजे अंजली गुप्ता दूध लेकर घर लौट रही थीं। इसी दौरान बड़ासी ग्रांट क्षेत्र में जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया।
हाथी के हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और घायल महिला को उपचार के लिए देहरादून स्थित CMI अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने महिला को बचाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ घंटों के उपचार के बाद उसने दम तोड़ दिया।
हमले से पहले खेतों में देखा गया था हाथी
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक जिस हाथी ने महिला पर हमला किया, उसे घटना से पहले दिन के समय सौड़ा सरोली क्षेत्र के खेतों में देखा गया था। हाथी के खेतों में घूमने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले हाथियों की आवाजाही मुख्य रूप से रात के समय दिखाई देती थी, लेकिन अब दिन में भी हाथी आबादी और खेतों के आसपास पहुंच रहे हैं। इससे ग्रामीणों में लगातार भय का माहौल बना हुआ है।
महिला की मौत के बाद ग्रामीणों में गुस्सा
घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही के बावजूद वन विभाग की ओर से आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार हाथी पहले भी खेतों, फसलों और ग्रामीणों की चारदीवारी को नुकसान पहुंचाते रहे हैं। अब इंसानों पर हमले की घटना सामने आने के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
लंबे समय से उठ रही है सोलर फेंसिंग की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि थानों क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही कोई नई समस्या नहीं है। हाथियों को आबादी वाले इलाकों में आने से रोकने के लिए लंबे समय से सोलर फेंसिंग लगाने की मांग की जा रही है।
ग्राम प्रधान राहुल मनवाल के मुताबिक 15 जनवरी को थानों में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में भी ग्रामीणों ने डोईवाला एसडीएम और विधायक के सामने सोलर फेंसिंग की मांग रखी थी।
उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की जाती तो इस तरह की घटनाओं के खतरे को कम किया जा सकता था। महिला की मौत के बाद ग्राम प्रधान ने क्षेत्र में तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने और सोलर फेंसिंग लगाने की मांग फिर उठाई है।
अस्पताल पहुंचे विधायक और जनप्रतिनिधि
घटना की सूचना मिलने के बाद डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला सहित कई जनप्रतिनिधि देर रात अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतका के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
विधायक ने वन विभाग के अधिकारियों से भी मामले में तत्काल प्रभावी कदम उठाने को कहा है।
विधायक बोले- हाथी को नियंत्रित कर जंगल में छोड़ा जाए
डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने बताया कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से एक अकेला हाथी घूम रहा था। उन्होंने कहा कि सोमवार को इसी हाथी ने दूध लेने गई महिला पर सड़क पर हमला किया, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई।
विधायक के अनुसार उन्होंने डीएफओ और वन विभाग के उच्च अधिकारियों से हाथी को नियंत्रित करने और उसे आबादी से दूर जंगल क्षेत्र में छोड़े जाने के संबंध में कार्रवाई करने को कहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वन विभाग को प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
आबादी में हाथियों की दस्तक से बढ़ी चिंता
थानों क्षेत्र में लगातार हाथियों की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद अब आबादी वाले क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी और इंसान पर हमले की घटना ने वन्यजीव और मानव संघर्ष की गंभीरता को सामने ला दिया है।
ग्रामीणों की मांग है कि हाथियों की निगरानी के लिए प्रभावी गश्त बढ़ाई जाए, संवेदनशील इलाकों को चिन्हित किया जाए और सोलर फेंसिंग सहित अन्य सुरक्षा उपाय तत्काल लागू किए जाएं।
निष्कर्ष
डोईवाला के थानों क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले में महिला की मौत ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर चुनौती को फिर सामने ला दिया है। ग्रामीण लंबे समय से हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं। अब महिला की मौत के बाद ग्रामीणों की नजर वन विभाग की अगली कार्रवाई पर है। क्षेत्र में हाथी की निगरानी, आबादी से उसे दूर रखने और संवेदनशील गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना प्रशासन के लिए तत्काल चुनौती बन गया है।


