देहरादून/खटीमा | 11 अगस्त 2026
उत्तराखंड में दोपहिया वाहन चोरी के मामलों के खिलाफ पुलिस को एक साथ दो जिलों में बड़ी सफलता मिली है। देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में पुलिस ने सात वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे और निशानदेही पर चोरी की सात बुलेट मोटरसाइकिलों समेत कुल 13 दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं।
वहीं, ऊधमसिंह नगर के खटीमा में पुलिस ने वाहन चोरी के मामले में दो नाबालिग किशोरों को पकड़ा है। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर आम की बगिया में झाड़ियों के बीच छिपाकर रखी गईं सात और मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। खटीमा मामले में पुलिस ने कुल आठ चोरी की बाइक बरामद की हैं।
देहरादून में रेकी के बाद चोरी, नंबर प्लेट हटाकर करते थे इस्तेमाल
पटेलनगर कोतवाली पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी वाहन चोरी की घटनाओं को सुनियोजित तरीके से अंजाम देते थे। आरोपियों द्वारा पहले अलग-अलग इलाकों में घूमकर ऐसे दोपहिया वाहनों की पहचान की जाती थी, जो सुनसान स्थानों पर खड़े रहते थे।
मौका मिलते ही आरोपी वाहन चोरी कर लेते थे। पुलिस से बचने और पहचान छिपाने के लिए चोरी के बाद वाहनों की नंबर प्लेट हटा दी जाती थी। इसके बाद वाहनों को गली-मोहल्लों के रास्ते पहले से चिन्हित स्थानों तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी चोरी किए गए वाहनों को कुछ समय के लिए अपने परिचितों को किराये पर भी देते थे। बाद में सही ग्राहक मिलने पर उन्हें बेचने की तैयारी की जाती थी।
सात बुलेट समेत 13 दोपहिया वाहन बरामद
पुलिस ने जांच के दौरान वाहन चोरी के सात अलग-अलग मामलों का खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर कुल 13 दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। इनमें सात बुलेट मोटरसाइकिल भी शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि बरामद वाहनों के संबंध में अलग-अलग स्थानों पर दर्ज वाहन चोरी के मामलों की जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी के वाहनों की बिक्री के लिए उनका नेटवर्क कितना बड़ा था।
गिरफ्तार आरोपियों में एक मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमाधारी
देहरादून पुलिस के अनुसार वाहन चोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया हुआ है। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने में किस तरह किया जाता था।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार के मुताबिक आरोपी पहले सुनसान स्थानों पर खड़े वाहनों की रेकी करते थे। इसके बाद मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम देते और पुलिस को भ्रमित करने के लिए चोरी किए गए वाहन की नंबर प्लेट हटा देते थे।
खटीमा में चेकिंग के दौरान पकड़े गए दो नाबालिग
दूसरी कार्रवाई खटीमा में हुई, जहां वाहन चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान झनकट चौकी पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो किशोरों को एक मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा।
पुलिस के अनुसार 10 अगस्त को चेकिंग के दौरान दोनों किशोर मोटरसाइकिल संख्या UP23AE1186 के साथ पकड़े गए। जांच में सामने आया कि यह बाइक खटीमा थाने में दर्ज वाहन चोरी के एक मुकदमे से संबंधित है।
इसके बाद पुलिस ने दोनों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उन्होंने एक अन्य स्थान पर चोरी की मोटरसाइकिलें छिपाकर रखने की जानकारी दी।
आम की बगिया में झाड़ियों के बीच छिपाई थीं सात बाइक
पुलिस टीम दोनों किशोरों को साथ लेकर उनकी निशानदेही पर ओकलैण्ड होटल से करीब 500 मीटर आगे स्थित आम की बगिया में पहुंची। वहां झाड़ियों के बीच छिपाकर रखी गईं सात मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।
पुलिस के मुताबिक बरामद आठ मोटरसाइकिलों में एक बाइक UK06BN-6698 भी शामिल है, जिसे 7 अगस्त को पुलिस ने पकड़ा था।
इस बरामदगी के बाद पुलिस अब अन्य वाहन चोरी की घटनाओं से इन मोटरसाइकिलों के संबंध की जांच कर रही है।
दो जिलों में कार्रवाई से वाहन चोरों पर बढ़ा दबाव
देहरादून और खटीमा में हुई इन कार्रवाइयों से पुलिस ने वाहन चोरी के मामलों में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। एक ओर देहरादून पुलिस ने चोरी की सात घटनाओं का खुलासा करते हुए 13 दोपहिया वाहन बरामद किए, वहीं खटीमा में दो नाबालिगों से पूछताछ के बाद आठ चोरी की बाइक बरामद की गईं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन मामलों के पीछे कोई बड़ा गिरोह या चोरी के वाहनों को खरीदने-बेचने वाला नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में लगातार सामने आ रही वाहन चोरी की घटनाओं के बीच देहरादून और खटीमा पुलिस की कार्रवाई अहम मानी जा रही है। देहरादून में तकनीकी शिक्षा प्राप्त आरोपी का वाहन चोरी में शामिल होना और खटीमा में नाबालिगों द्वारा चोरी की बाइक छिपाकर रखना पुलिस के लिए भी गंभीर संकेत है। दोनों मामलों में बरामद वाहनों के आधार पर पुलिस आगे की कड़ियां जोड़ने और चोरी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।


