देहरादून, 25 अगस्त 2026
लगातार बढ़ रही प्याज की कीमतों ने आम लोगों के घरेलू बजट पर असर डालना शुरू कर दिया है। देहरादून के बाजारों में प्याज के दाम करीब 45 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने के बीच अब उपभोक्ताओं को राहत देने की तैयारी की जा रही है। निरंजनपुर नवीन सब्जी मंडी में 28 अगस्त से उपभोक्ताओं को 25 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।
बाजार भाव से काफी कम कीमत पर उपलब्ध होगा प्याज
महंगी प्याज से परेशान दूनवासियों को राहत देने के लिए नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड यानी नाफेड अपने बफर स्टॉक से प्याज उपलब्ध कराएगा। इसके बाद निरंजनपुर नवीन सब्जी मंडी के माध्यम से उपभोक्ताओं को प्याज 25 रुपये प्रति किलो की दर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
वर्तमान बाजार कीमतों की तुलना में यह दर काफी कम है। ऐसे में योजना लागू होने के बाद रसोई के बजट पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पहले चरण में करीब 1000 क्विंटल प्याज पहुंचने की उम्मीद
योजना के पहले चरण में 28 अगस्त को देहरादून में करीब 1000 क्विंटल प्याज पहुंचने की संभावना है। यह मात्रा लगभग पांच ट्रकों के बराबर बताई जा रही है। मांग और उपलब्धता को देखते हुए आगे भी प्याज की आपूर्ति बढ़ाई जा सकती है।
नाफेड अपने बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति करेगा। इसके लिए गुजरात के गांधीनगर और राजकोट, महाराष्ट्र के लासलगांव तथा मध्य प्रदेश के खंडवा सहित अन्य प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों से प्याज देहरादून पहुंचाया जाएगा।
मंडी के साथ सरकारी राशन दुकानों पर भी बिक्री
सस्ती प्याज केवल निरंजनपुर नवीन सब्जी मंडी तक सीमित नहीं रहेगी। जिले की एक हजार से अधिक सरकारी राशन दुकानों के माध्यम से भी उपभोक्ताओं को प्याज उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे देहरादून शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी कम कीमत पर प्याज मिलने की संभावना है।
मंडी स्तर पर प्याज की बिक्री के लिए 18 लाइसेंसधारी व्यापारियों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक इसे पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। सरकारी राशन दुकानों को वितरण व्यवस्था में शामिल करने का उद्देश्य सस्ती प्याज को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
नाफेड के पास बड़ा बफर स्टॉक
जानकारी के मुताबिक नाफेड के पास करीब 60 हजार मीट्रिक टन प्याज का बफर स्टॉक उपलब्ध है। इसी स्टॉक के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है।
देहरादून में भी इसी व्यवस्था के तहत प्याज की आपूर्ति की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि बाजार में अतिरिक्त प्याज आने से उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।
बारिश के कारण प्रभावित हुई प्याज की आवक
निरंजनपुर नवीन सब्जी मंडी के सचिव विजय थपलियाल के अनुसार उत्तराखंड में प्याज की बड़ी मात्रा नासिक क्षेत्र से आती है। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण प्याज की आवक प्रभावित हुई है। बाजार में आपूर्ति कम होने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
उनका कहना है कि आने वाले समय में बाजार में प्याज की आवक सामान्य होने पर कीमतों में कमी आने की संभावना है। फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए नाफेड के बफर स्टॉक से प्याज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
आम लोगों को महंगाई से मिल सकती है राहत
प्याज की कीमतों में अचानक आई तेजी का सीधा असर मध्यम वर्ग और सीमित आय वाले परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ता है। ऐसे में 25 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध होने पर बाजार भाव की तुलना में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल सकती है।
सरकार और मंडी प्रशासन की कोशिश है कि सस्ती प्याज की बिक्री व्यवस्थित तरीके से हो और इसका लाभ वास्तविक उपभोक्ताओं तक पहुंचे। मांग बढ़ने की स्थिति में आगे की आपूर्ति उपलब्धता के आधार पर तय की जाएगी।
निष्कर्ष
देहरादून में प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच 25 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराने की तैयारी आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी पहल मानी जा रही है। 28 अगस्त से निरंजनपुर नवीन सब्जी मंडी और जिले की सरकारी राशन दुकानों के जरिए इसकी बिक्री शुरू होने की संभावना है। पहले चरण में करीब 1000 क्विंटल प्याज पहुंचने की उम्मीद है। यदि पर्याप्त आपूर्ति बनी रहती है तो इससे बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ने और कीमतों पर नियंत्रण आने की उम्मीद की जा सकती है।


