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महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को नई ताकत, देहरादून में ‘सखी’ वन स्टाप सेंटर होगा और अधिक सक्रिय

देहरादून, 24 जून 2026

घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, शोषण और अन्य प्रकार की हिंसा का सामना कर रही महिलाओं को अब मदद के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। महिलाओं से जुड़ी शिकायतों और समाधान दिवस में उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने ‘सखी’ वन स्टाप सेंटर को और अधिक प्रभावी एवं सक्रिय बनाने का निर्णय लिया है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए सखी वन स्टाप सेंटर में सभी आवश्यक सेवाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन का उद्देश्य यह है कि संकट की स्थिति में महिला को चिकित्सा, पुलिस, कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके।

महिलाओं की समस्याओं को लेकर आयोजित समाधान दिवस के दौरान कई शिकायतें सामने आईं, जिनमें घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और सहायता प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों का मुद्दा प्रमुख रहा। इन शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सखी वन स्टाप सेंटर की कार्यप्रणाली को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

अक्सर देखा जाता है कि हिंसा की शिकार महिलाओं को सहायता प्राप्त करने के लिए पुलिस थाने, अस्पताल, न्यायिक कार्यालय और अन्य संस्थानों के अलग-अलग चक्कर लगाने पड़ते हैं। सामाजिक दबाव, पारिवारिक परिस्थितियों और जानकारी के अभाव में कई महिलाएं समय पर मदद भी नहीं ले पातीं। ऐसे मामलों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अब एकीकृत सहायता प्रणाली को और सुदृढ़ बनाने पर जोर दे रहा है।

जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है कि सर्वे चौक स्थित कामकाजी महिला छात्रावास परिसर में संचालित सखी वन स्टाप सेंटर में उपलब्ध सभी सेवाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा, शारीरिक उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना या अन्य हिंसा की शिकार महिला को बिना किसी देरी के सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि सखी वन स्टाप सेंटर महिलाओं के लिए एक समग्र सहायता केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है। यहां महिलाओं को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा, पुलिस सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, सामाजिक परामर्श, रेस्क्यू सेवा, कानूनी सहायता तथा अस्थायी आश्रय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्र का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और उन्हें न्याय तथा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है। यहां प्रशिक्षित विशेषज्ञ महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उनकी परिस्थितियों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराते हैं।

प्रशासन का मानना है कि किसी भी संकटग्रस्त महिला को सबसे पहले भरोसे, सुरक्षा और त्वरित सहायता की आवश्यकता होती है। इसी सोच के तहत सखी वन स्टाप सेंटर को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि हर जरूरतमंद महिला तक समय पर मदद पहुंच सके।

महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।


निष्कर्ष

देहरादून में सखी वन स्टाप सेंटर को अधिक सक्रिय बनाने की पहल महिलाओं की सुरक्षा और सहायता व्यवस्था को नई मजबूती देने वाला कदम साबित हो सकती है। एक ही छत के नीचे चिकित्सा, पुलिस, कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध होने से हिंसा और उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को त्वरित राहत मिलेगी। प्रशासन की यह पहल न केवल महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाएगी, बल्कि उन्हें न्याय और सुरक्षा का भरोसा भी दिलाएगी।

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