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मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल के 5 वर्ष पूरे होने पर शुरू होगा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण, 4 जुलाई से 15 दिन तक लगेंगे विशेष शिविर

देहरादून | 30 जून 2026

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री पद पर पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर राज्य सरकार एक बार फिर जनता के बीच पहुंचने की तैयारी में है। सरकार ने 4 जुलाई 2026 से 15 दिवसीय ‘सेवा पखवाड़ा’ के तहत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दूसरे चरण को शुरू करने का निर्णय लिया है।

इस विशेष अभियान के दौरान राज्य के सभी जिलों, ब्लॉकों और तहसीलों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी स्वयं उपस्थित रहकर लोगों की शिकायतों का मौके पर समाधान करेंगे। साथ ही पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।


जनता तक सीधे पहुंचेगी सरकार

राज्य सरकार का उद्देश्य है कि आम नागरिकों को छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके बजाय प्रशासन और विभागीय अधिकारी स्वयं गांवों और स्थानीय क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान प्रत्येक शिविर में जिम्मेदार अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और शिकायतों का अधिकतम निस्तारण मौके पर ही किया जाए।


जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर लगाए जाएंगे शिविर

अभियान के अंतर्गत पूरे प्रदेश में जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर व्यापक स्तर पर जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में राजस्व, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, विद्युत, पेयजल, ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे।

शिविरों में लोगों की शिकायतों के साथ-साथ पेंशन, प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, सरकारी योजनाओं में पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य नागरिक सेवाओं से जुड़े मामलों का भी समाधान किया जाएगा।


पिछले अभियान को मिली थी व्यापक सफलता

राज्य सरकार ने दिसंबर 2025 में 45 दिवसीय ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान की शुरुआत की थी, जिसे प्रशासनिक स्तर पर काफी सफल माना गया।

उस अभियान के दौरान पूरे प्रदेश में 681 विशेष शिविर आयोजित किए गए थे, जिनमें 5,33,452 से अधिक नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया था। अभियान के दौरान करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया था।

सरकार का दावा है कि इस पहल को सुशासन और प्रभावी जनसेवा की एक सफल प्रशासनिक व्यवस्था के रूप में भी सराहा गया।


सेवा पखवाड़ा के तहत चलेगा विशेष अभियान

इस बार अभियान मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर 4 जुलाई से शुरू होकर लगातार 15 दिनों तक संचालित किया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य केवल शिकायतों का समाधान करना ही नहीं, बल्कि अधिक से अधिक लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ भी पहुंचाना है, ताकि पात्र नागरिक किसी भी योजना से वंचित न रहें।


मुख्यमंत्री धामी ने दिए स्पष्ट निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि नागरिकों को सरकारी सेवाएं प्राप्त करने के लिए अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि अधिकारी स्वयं जनता के बीच पहुंचें और उनकी समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान करें। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण पूरे प्रदेश में संचालित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अभियान में भाग लें तथा प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।


4 जुलाई को पूरे होंगे मुख्यमंत्री धामी के पांच वर्ष

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहली बार 4 जुलाई 2021 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के स्थान पर राज्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को दोबारा सत्ता मिलने पर पार्टी नेतृत्व ने एक बार फिर पुष्कर सिंह धामी पर भरोसा जताते हुए उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी। इसी क्रम में 4 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के पांच वर्ष पूरे हो जाएंगे।


प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा और बल

राज्य सरकार का मानना है कि इस अभियान से प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। इससे शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ-साथ योजनाओं की वास्तविक स्थिति का भी आकलन किया जा सकेगा। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही और सेवा वितरण प्रणाली को भी अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।


निष्कर्ष

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुरू होने जा रहा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण राज्य सरकार की जनसेवा आधारित प्रशासनिक पहल को आगे बढ़ाने का प्रयास माना जा रहा है। यदि सभी विभाग समन्वय के साथ शिविरों में प्रभावी ढंग से कार्य करते हैं, तो हजारों नागरिकों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान संभव होगा और सरकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकेगा।

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