लक्सर/हरिद्वार | 29 मई 2026
उत्तराखंड के लक्सर क्षेत्र में देहरादून-सहारनपुर डीएलएस पैसेंजर ट्रेन में हुई एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। चलती ट्रेन से नवजात शिशु का शव नीचे गिरने की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन और जीआरपी में हड़कंप मच गया। घटना को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। जहां दंपती इसे हादसा बता रहा है, वहीं ट्रेन में मौजूद कुछ यात्रियों ने नवजात को जानबूझकर फेंके जाने का आरोप लगाया है। फिलहाल जीआरपी पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार दंपती लक्सर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है। पुलिस को दी गई जानकारी में उन्होंने बताया कि महिला ने एक दिन पहले लक्सर अस्पताल में नवजात को जन्म दिया था। जन्म के बाद बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिसके चलते उसे हरिद्वार के मेला अस्पताल रेफर किया गया था। वहां इलाज के दौरान बृहस्पतिवार सुबह नवजात की मौत हो गई।
दंपती का कहना है कि अस्पताल से नवजात का शव लेकर वे हरिद्वार से देहरादून-सहारनपुर डीएलएस पैसेंजर ट्रेन के जरिए वापस लक्सर लौट रहे थे। ट्रेन में पिता दरवाजे के पास बैठे हुए थे और उन्होंने नवजात को गोद में लिया हुआ था। जब ट्रेन ऐथल और लक्सर रेलवे स्टेशन के बीच पथरी पुल के पास पहुंची, तभी अचानक तेज झटका लगने से ट्रेन का दरवाजा तेजी से उनकी ओर आया। दरवाजे की टक्कर लगने के कारण उनके हाथ से नवजात का शव छिटककर नीचे गिर गया।
घटना के तुरंत बाद ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि दंपती ने जानबूझकर नवजात को ट्रेन से बाहर फेंका है। इस आरोप के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों और दंपती के बीच बहस की स्थिति भी बन गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक यात्री ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रुकवाया और घटना की जानकारी ट्रेन मैनेजर को दी।
सूचना मिलने के बाद रेलवे कंट्रोल रूम ने जीआरपी को अलर्ट किया। उपनिरीक्षक अतुल चौहान मौके पर पहुंचे और दंपती से पूछताछ की। बाद में नवजात के शव को बरामद कर जीआरपी लक्सर लाई गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत और घटना की परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया दंपती मानसिक रूप से बेहद परेशान और सदमे में दिखाई दिए। पुलिस फिलहाल दंपती के बयान, यात्रियों के आरोप और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। रेलवे अधिकारियों से भी ट्रेन के झटके और दरवाजे की स्थिति को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
जीआरपी प्रभारी निरीक्षक राजीव चौहान ने बताया कि नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और दंपती द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
निष्कर्ष
चलती ट्रेन में नवजात के शव गिरने की यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है। हादसा, लापरवाही या फिर कुछ और—इन सभी पहलुओं पर पुलिस गहराई से जांच कर रही है। फिलहाल पूरे मामले ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही घटना की असली तस्वीर सामने आ सकेगी।


