स्थान : देहरादून, उत्तराखंड
तारीख : 30 मई 2026
उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान से जूझ रहे लोगों को आखिरकार राहत मिली है। शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई। हालांकि मौसम विभाग ने मौसम के इस बदलाव के बीच कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह भी दी है।
शाम होते ही बदला मौसम, कई जिलों में हुई बूंदाबांदी
शनिवार सुबह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य बना रहा। देहरादून सहित कई जिलों में हल्की धूप और बादलों की आवाजाही देखने को मिली। दिनभर मौसम अपेक्षाकृत शांत रहा, लेकिन शाम होते-होते अचानक आसमान में घने बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं।
कुछ ही समय बाद राजधानी देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी सहित गढ़वाल मंडल के कई पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी शुरू हो गई। वहीं कुमाऊं मंडल के कुछ हिस्सों से भी बारिश की खबरें सामने आईं। मौसम में आए इस बदलाव ने लोगों को गर्मी से राहत पहुंचाई और वातावरण को सुहावना बना दिया।
48 घंटे से सक्रिय है मौसम का बदला हुआ रुख
पिछले करीब 48 घंटों से उत्तराखंड में मौसम लगातार परिवर्तनशील बना हुआ है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कहीं बादल छा रहे हैं तो कहीं हल्की बारिश और तेज हवाएं दर्ज की जा रही हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के प्रभाव से प्रदेश में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि पिछले दो दिनों से मौसम में अस्थिरता बनी हुई है और इसका असर आने वाले समय में भी जारी रह सकता है।
तापमान में आई गिरावट, गर्मी से मिली बड़ी राहत
मौसम में आए बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिला है। राजधानी देहरादून में अधिकतम तापमान में लगभग चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।
कुछ दिन पहले तक जहां तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था, वहीं अब मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और आरामदायक महसूस किया जा रहा है। बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और पार्कों में लोगों के चेहरों पर गर्मी से राहत की खुशी साफ दिखाई दी।
मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी
उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार देहरादून, उत्तरकाशी सहित कई क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने, बादलों की गर्जना और बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की जा सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने को कहा गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग भी हुआ सतर्क
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए खुले स्थानों पर अधिक समय तक न रुकने की हिदायत दी गई है।
जिला प्रशासन को जारी किए गए निर्देश
आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संबंधित जिलों के प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी बनाए रखने को कहा गया है।
पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन संभावित स्थलों, सड़क मार्गों और नदी-नालों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
अगले 24 घंटे भी रहेंगे महत्वपूर्ण
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश में मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। कई जिलों में बादल छाए रहने, हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।
किसानों, यात्रियों, चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में मौसम के अचानक बदले रुख ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन साथ ही सतर्कता की आवश्यकता भी बढ़ा दी है। तेज हवाओं, बारिश और बिजली गिरने की संभावनाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे में लोगों को राहत के साथ-साथ सावधानी बरतते हुए मौसम संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।


