देहरादून, 24 जून 2026
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला है। देहरादून में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पार्टी नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लाखों युवा वर्षों तक कड़ी मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और अपने भविष्य के सुनहरे सपने देखते हैं, लेकिन बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। पार्टी का आरोप है कि सरकार युवाओं के सवालों का जवाब देने से बच रही है और जवाबदेही तय करने के बजाय समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे न केवल परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि युवाओं का सरकारी भर्ती व्यवस्था और संस्थाओं पर भरोसा भी कमजोर पड़ रहा है।
कांग्रेस का कहना है कि परीक्षा रद्द होने, भर्ती प्रक्रियाओं में लंबे समय तक देरी और परिणामों को लेकर अनिश्चितता के कारण लाखों युवाओं को मानसिक तनाव और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि नकल माफिया और भ्रष्टाचार का नेटवर्क लगातार सक्रिय है, जबकि सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रही है।
इस दौरान कांग्रेस ने देहरादून की छात्रा रिया थापा का भी उल्लेख किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य को लेकर बढ़ते मानसिक दबाव का असर युवाओं पर गंभीर रूप से पड़ रहा है। कांग्रेस का दावा है कि ऐसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि परीक्षा और भर्ती प्रणाली में सुधार की तत्काल आवश्यकता है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक विफलता का मामला नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य और उनके सपनों के साथ अन्याय है। जब बार-बार परीक्षाएं निरस्त होती हैं, प्रश्नपत्र लीक होते हैं और भर्ती प्रक्रियाएं वर्षों तक लंबित रहती हैं, तब मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं का मनोबल टूटने लगता है।
पार्टी का आरोप है कि एक ओर सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर लगातार सामने आ रही घटनाएं इन दावों पर सवाल खड़े करती हैं। कांग्रेस का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में युवाओं के बीच निराशा और असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 के बाद आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में किसी न किसी प्रकार की अनियमितता या विवाद सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक मामलों में आरोपियों के खिलाफ प्रभावी पैरवी नहीं होने के कारण कई मामलों में दोषियों को राहत मिल जाती है, जिससे ऐसी घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा।
कांग्रेस ने मांग की कि पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि युवाओं का विश्वास दोबारा बहाल हो सके।
निष्कर्ष
पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का मुद्दा देशभर में लाखों युवाओं के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है और जवाबदेही तय करने की मांग की है। वहीं सरकार की ओर से लगातार परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने और नकल पर अंकुश लगाने के प्रयासों की बात कही जाती रही है। ऐसे में युवाओं की उम्मीदें अब इस बात पर टिकी हैं कि भविष्य में परीक्षाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से आयोजित हों, जिससे उनकी मेहनत और प्रतिभा को उचित सम्मान मिल सके।


