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हरिद्वार में दर्दनाक सड़क हादसा: खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई स्कूटी, दादा-दादी और पांच वर्षीय पोती की मौत

हरिद्वार, 24 जून 2026

धर्मनगरी हरिद्वार में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर कांगड़ी फ्लाईओवर के समीप सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में स्कूटी के पीछे से टकराने के कारण एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में दादा-दादी और उनकी पांच वर्षीय पोती ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

पुलिस के अनुसार यह हादसा मंगलवार देर रात श्यामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कांगड़ी फ्लाईओवर के पास हुआ। गाजीवाली गांव निवासी वीर सिंह अपनी पत्नी मंजू और पांच वर्षीय पोती शिव सिंह के साथ स्कूटी पर सवार होकर हरिद्वार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी स्कूटी सड़क किनारे खड़ी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के पीछे जा भिड़ी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और तीनों सवार गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलने पर श्यामपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। हालांकि पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही तीनों की मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

मृतकों की पहचान 53 वर्षीय वीर सिंह पुत्र मोहर सिंह, उनकी पत्नी 50 वर्षीय मंजू देवी तथा पांच वर्षीय शिव सिंह पुत्र अनुज सिंह निवासी ग्राम गाजीवाली, थाना श्यामपुर, हरिद्वार के रूप में हुई है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। घटना की जानकारी मृतकों के परिजनों को दे दी गई है। परिजन और ग्रामीण जिला अस्पताल पहुंचे, जहां माहौल बेहद गमगीन रहा।

क्षेत्राधिकारी नगर (सीओ सिटी) शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अंधेरा और सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क किनारे किस परिस्थिति में खड़ी थी और क्या सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन किया गया था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे और मुख्य मार्गों पर बिना किसी चेतावनी संकेत या रिफ्लेक्टर के खड़े वाहनों के कारण अक्सर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

इस हादसे ने गाजीवाली गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्रामीणों के अनुसार वीर सिंह और उनका परिवार सामाजिक और मिलनसार स्वभाव के लिए जाना जाता था। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की अचानक मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।


निष्कर्ष

हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर हुआ यह हादसा सड़क सुरक्षा और रात के समय वाहनों की दृश्यता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। सड़क किनारे खड़े वाहनों के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम और सतर्कता की कमी कई बार जानलेवा साबित हो सकती है। इस दर्दनाक घटना ने एक परिवार को पूरी तरह झकझोर दिया है और एक बार फिर सुरक्षित यातायात व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

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