देहरादून | 11 अगस्त 2026
छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर देश में जारी राजनीतिक बहस के बीच उत्तराखंड भाजपा ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुबोध उनियाल ने मंगलवार को देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में राहुल गांधी पर छात्रों के मुद्दों को लेकर दोहरा रवैया अपनाने और संसद में चर्चा से पीछे हटने का आरोप लगाया।
छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस की राजनीति पर सवाल
सुबोध उनियाल ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी छात्रों के हितों की बात तो करते हैं, लेकिन जब संसद में इन्हीं मुद्दों पर चर्चा का अवसर आता है तो विपक्ष उससे पीछे हट जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नकारात्मक राजनीति और लगातार विरोध के जरिए अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन की अपेक्षा की जाती है। उनके मुताबिक संसद में सरकार से सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन चर्चा और संवाद से बचना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के हित में नहीं है।
NEET मुद्दे को लेकर राहुल गांधी पर निशाना
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने NEET परीक्षा से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष ने पहले शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद में गतिरोध पैदा किया। उनके अनुसार, बाद में जब शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया तो विपक्ष ने NEET पर चर्चा की मांग उठाई।
उनियाल का दावा है कि सरकार ने जब संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयारी दिखाई, तब विपक्ष की ओर से चर्चा को लेकर नए मुद्दे उठाए जाने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद की कार्यवाही लंबे समय तक बाधित करने के बाद भी विपक्ष चर्चा के लिए तैयार नहीं हुआ।
उनियाल ने कहा कि विपक्ष यदि छात्रों के मुद्दों को लेकर गंभीर है तो उसे संसद में चर्चा के दौरान अपनी बात रखनी चाहिए और सरकार से जवाब मांगना चाहिए।
छात्रों से जुड़े फैसलों को गिनाया
भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार ने परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने NEET परीक्षा दोबारा कराने, परिणाम जारी करने तथा परीक्षाओं में नकल और अनियमितताओं को रोकने के लिए बनाए गए सख्त कानूनों का उल्लेख किया।
सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड ने परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए देश में सख्त कानून लागू करने की दिशा में पहले कदम उठाए और अब केंद्र सरकार ने भी परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान किया है।
झारखंड के छात्र आंदोलन का भी उठाया मुद्दा
प्रेस वार्ता के दौरान सुबोध उनियाल ने झारखंड में छात्रों से जुड़े आंदोलन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की गठबंधन सरकार है, वहां छात्रों के आंदोलन को लेकर विपक्ष की ओर से वैसी प्रतिक्रिया नहीं दिखाई गई जैसी अन्य राज्यों के मामलों में देखने को मिलती है।
उनियाल ने दावा किया कि झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए कंटीले तारों का इस्तेमाल किए जाने और कथित कठोर कार्रवाई के बावजूद कांग्रेस ने इस मामले पर पर्याप्त आवाज नहीं उठाई।
उन्होंने सवाल किया कि यदि कांग्रेस देश के अन्य हिस्सों में छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरती है, तो झारखंड के मामले में उसका रुख अलग क्यों है।
राहुल गांधी से कहा- ‘डरो मत, भागो मत, चर्चा में आइए’
सुबोध उनियाल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें संसद में चर्चा से बचने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है और छात्रों समेत सभी जनहित के मुद्दों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष के बीच संवाद जरूरी है। विपक्ष का काम सरकार को जनहित के मुद्दों पर घेरना है, लेकिन इसके लिए संसद की कार्यवाही बाधित करने के बजाय बहस और तर्क का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
राहुल गांधी के बयानों पर भी आपत्ति
कैबिनेट मंत्री ने दिल्ली में छात्र आंदोलन को लेकर राहुल गांधी की ओर से दिए गए बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान गोली चलने जैसी बातें करके माहौल को सनसनीखेज बनाने का प्रयास किया गया।
उनियाल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को देखते हुए सार्वजनिक बयानों में तथ्यों और जिम्मेदारी का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर छात्रों और युवाओं के मुद्दों को राजनीतिक आंदोलन में बदलने का आरोप भी लगाया।
भाजपा का दावा, संवाद से ही निकलेगा समाधान
सुबोध उनियाल ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था में चर्चा और संवाद को प्राथमिकता देती है। उनके अनुसार छात्रों, युवाओं और परीक्षाओं से जुड़े किसी भी मुद्दे पर सरकार संसद में जवाब देने के लिए तैयार है।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि लगातार आरोप लगाने और संसद में गतिरोध पैदा करने के बजाय विपक्ष को चर्चा के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए। उनका कहना था कि जनता की समस्याओं का समाधान राजनीतिक टकराव से नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद से निकलेगा।
निष्कर्ष
छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। देहरादून में सुबोध उनियाल की प्रेस वार्ता के जरिए भाजपा ने राहुल गांधी और कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए संसद में चर्चा की मांग को प्रमुखता से सामने रखा। वहीं, इन आरोपों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया आने के बाद ही इस राजनीतिक बहस का अगला रुख स्पष्ट होगा।


