हरिद्वार, 25 अगस्त 2026
आगामी कुंभ मेले को लेकर हरिद्वार में तैयारियां तेज होने लगी हैं। धार्मिक आयोजन की व्यवस्थाओं के साथ अब धर्मनगरी को आकर्षक और भव्य स्वरूप देने पर भी जोर दिया जा रहा है। शहर की दीवारों, अंडरब्रिज और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर कुंभ की थीम आधारित पेंटिंग का काम शुरू कर दिया गया है। इन चित्रों में धार्मिक प्रतीकों, संतों और धर्मगुरुओं, वेद मंत्रों, गंगा तथा भारतीय संस्कृति से जुड़े चित्रों को प्रमुखता दी जा रही है।
हर की पैड़ी से कनखल तक सौंदर्यीकरण की तैयारी
कुंभ मेला प्रशासन और हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से शहर के कई प्रमुख स्थानों को सौंदर्यीकरण के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें हर की पैड़ी, उत्तरी हरिद्वार और कनखल सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
इन स्थानों की दीवारों और सार्वजनिक स्थलों पर रंग-बिरंगी कलाकृतियां बनाई जा रही हैं। उद्देश्य केवल शहर की खूबसूरती बढ़ाना नहीं, बल्कि हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कुंभ की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराना भी है।
प्रवेश मार्गों पर दिखेगी कुंभ की पहचान
कुंभ के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। ऐसे में शहर के प्रवेश मार्गों को भी आकर्षक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हरिद्वार से जुड़े प्रमुख हाईवे और प्रवेश मार्गों के आसपास की दीवारों को भी कुंभ की थीम के अनुरूप सजाने की तैयारी है। यहां गंगा, धार्मिक प्रतीकों, साधु-संतों और भारतीय संस्कृति से जुड़ी आकृतियां उकेरी जाएंगी। इससे शहर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को कुंभ की भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण का एहसास कराने की कोशिश की जा रही है।
अखाड़ों, मठों और मंदिरों के आसपास भी होगा सौंदर्यीकरण
कुंभ मेले की पहचान अखाड़ों, संत परंपरा, मठों और प्राचीन मंदिरों से जुड़ी हुई है। इसी को देखते हुए प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास भी सौंदर्यीकरण के कार्य कराए जाने की योजना है।
धार्मिक स्थलों को उनकी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान के अनुरूप सजाने पर जोर दिया जाएगा। इससे कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ हरिद्वार की समृद्ध संस्कृति और संत परंपरा को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
सुभाष घाट पर पहले ही दिख चुका है नया स्वरूप
हरिद्वार में सार्वजनिक स्थानों को आकर्षक बनाने का काम पहले भी किया जा चुका है। सुभाष घाट पर रंगाई और पेंटिंग के जरिए आसपास के क्षेत्र को नया स्वरूप दिया गया है। घाट के आसपास होटल, धर्मशालाओं और अन्य प्रतिष्ठानों को भी एक समान रंग में रंगा गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में एकरूपता नजर आती है।
इसी तरह कुंभ मेले के मुख्य कार्यालय सीसीआर भवन को भी सजाया गया है। अब इसी तर्ज पर शहर के दूसरे प्रमुख स्थानों को कुंभ की थीम से जोड़कर सजाने का काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
अधिकारियों ने कई स्थान किए चिन्हित
कुंभ मेला अधिकारी और एचआरडीए के उपाध्यक्ष का दायित्व संभाल रहीं आईएएस अधिकारी सोनिका के अनुसार कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए शहर के सौंदर्यीकरण के लिए कई स्थान चिन्हित किए गए हैं। हर की पैड़ी, उत्तरी हरिद्वार और कनखल समेत विभिन्न क्षेत्रों में थीम आधारित पेंटिंग का काम शुरू किया गया है।
उन्होंने बताया कि शहर के अन्य हिस्सों में भी सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। प्रयास है कि हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को शहर के प्रमुख हिस्सों में कुंभ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान की झलक देखने को मिले।
बारिश के बाद बढ़ेगा सौंदर्यीकरण का दायरा
अधिकारियों के मुताबिक बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद शहर में सौंदर्यीकरण के कई अन्य कार्य भी कराए जाएंगे। सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख मार्गों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कुंभ की थीम के अनुरूप विकसित करने की योजना पर काम जारी है।
इससे कुंभ मेला क्षेत्र के साथ पूरे हरिद्वार शहर को एक आकर्षक और सांस्कृतिक स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है।
धर्म और संस्कृति का बनेगा जीवंत चित्रण
दीवारों पर बनाई जा रही पेंटिंग हरिद्वार की धार्मिक पहचान को नए तरीके से सामने लाने का माध्यम बन रही हैं। धार्मिक प्रतीकों, वेद मंत्रों, संतों, गंगा और भारतीय संस्कृति की झलक से शहर की दीवारें केवल सजावट का हिस्सा नहीं रहेंगी, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए धर्मनगरी की परंपरा और विरासत को समझने का माध्यम भी बनेंगी।
निष्कर्ष
कुंभ मेले की तैयारियों के बीच हरिद्वार अब धीरे-धीरे आस्था और संस्कृति के रंग में रंगता नजर आ रहा है। हर की पैड़ी, उत्तरी हरिद्वार, कनखल से लेकर प्रमुख हाईवे और सार्वजनिक स्थलों तक सौंदर्यीकरण की योजना बनाई गई है। दीवारों पर उकेरी जा रही धार्मिक और सांस्कृतिक कलाकृतियां कुंभ की भव्यता को शहर के हर प्रमुख हिस्से में प्रदर्शित करेंगी। आने वाले दिनों में इन कार्यों का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे कुंभ के दौरान हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ एक आकर्षक और सांस्कृतिक वातावरण भी मिल सकेगा।



