दिनांक: 23 सितंबर 2026
स्थान: रुद्रपुर/किच्छा, ऊधमसिंह नगर
किच्छा में नगर पालिका चुनाव की मतगणना के दौरान मंगलवार शाम राजनीतिक विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थक आमने-सामने आ गए। स्ट्रांग रूम के बाहर व्यवस्था और पर्दे लगाए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते कहासुनी, धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोपों तक पहुंच गया। विधायक तिलक राज बेहड़ को थप्पड़ मारे जाने का आरोप भी सामने आया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल दोनों पक्षों को अलग किया और कई लोगों को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी।
स्ट्रांग रूम के बाहर बढ़ा विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, मतगणना परिसर में स्ट्रांग रूम के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और पर्दे लगाए जाने को लेकर पहले से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। इसी दौरान विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के समर्थकों की मौजूदगी में कहासुनी शुरू हुई, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान विधायक तिलक राज बेहड़ को थप्पड़ मारे जाने का आरोप लगाया गया। घटना के बाद विधायक पक्ष की ओर से पुलिस को शिकायत देने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया। अधिकारियों के मुताबिक प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकना था।
पुलिस ने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला और उनके समर्थकों को पंतनगर स्थित सिडकुल चौकी ले जाया, जबकि विधायक तिलक राज बेहड़ और उनके समर्थकों को किच्छा कोतवाली भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका की जांच शुरू कर दी।
धक्का-मुक्की के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में लालपुर की आस्था कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय धीरज कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, धीरज कुमार पर वर्तमान विधायक तिलक राज बेहड़ के साथ धक्का-मुक्की करने का आरोप है।
पुलिस ने आरोपी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
इसके अलावा, पुलिस ने शांति व्यवस्था भंग करने और विवाद में शामिल लोगों की पहचान करते हुए अब तक करीब 30 व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों के संबंध में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
विधायक पक्ष ने एफआईआर की मांग उठाई
घटना के बाद विधायक तिलक राज बेहड़ के पक्ष की ओर से आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई। विधायक पक्ष का कहना है कि यदि प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में हिंसात्मक घटना हुई है तो उसके संबंध में मुकदमा दर्ज कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके साथ ही चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास का आरोप भी लगाया गया और मतगणना से जुड़े मामले में न्यायालय से हस्तक्षेप की अपेक्षा जताई गई। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम स्थिति पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती के संकेत दिए
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में किसी भी प्रकार का व्यवधान स्वीकार नहीं किया जाएगा। एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि कानून एवं शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों की पहचान साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मतगणना परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा
राजनीतिक विवाद के बाद मतगणना परिसर और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों की निगरानी में पूरे घटनाक्रम से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों के संबंध में भी पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
निष्कर्ष: किच्छा में मतगणना के दौरान हुए इस विवाद के बाद पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया है। एक व्यक्ति की गिरफ्तारी और 30 लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस की जांच पर नजर है। मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


