दिनांक: 23 सितंबर 2026
स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
उत्तराखंड में महिलाओं और बच्चों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेशभर के 20,067 आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत किया जा रहा है। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को देहरादून के विकास भवन सभागार में विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में हरिद्वार और बागेश्वर जिले के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस दौरान मंत्री ने दोनों जिलों समेत प्रदेशभर में कार्यक्रम की तैयारियों, व्यवस्थाओं और आयोजन की रूपरेखा की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सभी जरूरी तैयारियां निर्धारित समय से पहले पूरी करने के निर्देश दिए।
तीन जिलों में इतने आंगनबाड़ी केंद्र होंगे शामिल
विभागीय अधिकारियों ने बैठक में बताया कि प्रदेश के कुल 20,067 आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इनमें देहरादून जिले के 1,907, हरिद्वार के 3,179 और बागेश्वर जिले के 834 आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं।
मंत्री रेखा आर्या ने संबंधित अधिकारियों से इन जिलों में चल रही तैयारियों की जानकारी ली और निर्देश दिया कि कार्यक्रम से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा किया जाए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं की पहले से जांच करने को भी कहा।
केवल आयोजन नहीं, जनसेवा का माध्यम बने कार्यक्रम
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि ‘आंगन का मिलन’ को केवल औपचारिक कार्यक्रम के रूप में आयोजित नहीं किया जाना चाहिए। इसे जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण अभियान के तौर पर आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं, बच्चों और बालिकाओं तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं के पात्र लोगों को उनका लाभ भी मिल सके।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम के दौरान आम लोगों को योजनाओं से संबंधित जानकारी सरल तरीके से उपलब्ध कराई जाए, ताकि जरूरतमंद परिवार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए सही प्रक्रिया समझ सकें।
समय से पहले पूरी होंगी तैयारियां
रेखा आर्या ने कहा कि कार्यक्रम की तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने स्तर पर व्यवस्थाओं की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि आयोजन के दिन किसी प्रकार की अव्यवस्था सामने न आए।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं का पहले से निरीक्षण और सत्यापन करने के निर्देश दिए। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्रियां होंगी सम्मानित
‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम के दौरान बेहतर कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य ऐसे कर्मियों के कार्यों को पहचान देना और उन्हें प्रोत्साहित करना है।
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सम्मान मिलने से अच्छा कार्य करने वाली महिलाओं का उत्साह बढ़ेगा और अन्य कार्यकत्रियों को भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे जमीनी स्तर पर लोगों से सीधे जुड़ी हैं और योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम कड़ी का काम करती हैं। ऐसे में उनके योगदान को पहचान देना और सम्मानित करना जरूरी है।
योजनाओं की जानकारी से लेकर पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने पर जोर
कार्यक्रम के माध्यम से विभाग का फोकस महिलाओं, बच्चों और बालिकाओं को उपलब्ध सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने पर रहेगा। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थानीय स्तर पर जागरूकता और जनसंपर्क के प्रमुख केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
निष्कर्ष: ‘आंगन का मिलन’ के जरिए उत्तराखंड के 20,067 आंगनबाड़ी केंद्रों को जनसेवा और जागरूकता गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के साथ उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित कर उनके योगदान को प्रोत्साहित किया जाएगा। अब विभागीय अधिकारियों के सामने तय समय में सभी व्यवस्थाएं पूरी करने की जिम्मेदारी है।


