BREAKING

मसूरी में एक्शन मोड में दिखे मंत्री गणेश जोशी: बदहाल सड़क पर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को लगाई फटकार, अस्पताल व्यवस्थाओं का भी लिया जायजा

मसूरी/देहरादून, 16 मई 2026

उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री Ganesh Joshi शनिवार को मसूरी दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने शहर की सड़कों और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मोतीलाल नेहरू मार्ग की खराब स्थिति देखकर मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


तीन करोड़ की सड़क बदहाल, अधिकारियों से मांगा जवाब

कैबिनेट मंत्री ने मसूरी माल रोड और मोतीलाल नेहरू मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। सड़क की जर्जर हालत और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी देखकर उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को कड़ी चेतावनी दी।

मंत्री ने कहा कि करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान स्थिति देखकर साफ लगता है कि निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई है। उन्होंने अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए तत्काल सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।


बरसात से पहले पूरे होंगे सभी जरूरी कार्य

निरीक्षण के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने सड़क किनारे रेलिंग लगाने, ब्लॉक नालियों की मरम्मत और कल्वर्ट निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि मानसून शुरू होने से पहले सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

मंत्री ने कहा कि यदि किसी भी अधिकारी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का लिया जायजा

सड़क निरीक्षण के बाद कैबिनेट मंत्री मसूरी स्थित उप जिला चिकित्सालय पहुंचे, जहां उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं और इलाज की स्थिति की जानकारी ली।

मंत्री ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों को निर्देश दिए कि मरीजों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बावजूद मरीजों को बाहर की दवाइयां लिखना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि संसाधनों या उपकरणों की कोई कमी है तो उसकी जानकारी सीधे शासन स्तर पर भेजी जाए, ताकि समय पर समाधान किया जा सके।


अस्पताल में स्टाफ की कमी का मुद्दा उठा

निरीक्षण के दौरान अस्पताल की स्टाफ नर्सों और कर्मचारियों ने फोर्थ क्लास कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी मंत्री के सामने रखा। कर्मचारियों ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण सफाई व्यवस्था और अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

इस पर मंत्री गणेश जोशी ने भरोसा दिलाया कि वह जल्द स्वास्थ्य सचिव से बातचीत कर आवश्यक पदों पर नियुक्ति की दिशा में कदम उठाएंगे।


पांच बेड का आईसीयू अभी तक शुरू नहीं

अस्पताल में बने पांच बेड के आईसीयू को लेकर भी चर्चा हुई। अस्पताल प्रबंधन ने मंत्री को बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के चलते आईसीयू का संचालन अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।

इस पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईसीयू को जल्द शुरू कराने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा और बेहतर इलाज सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


निष्कर्ष

मसूरी दौरे के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया। बदहाल सड़कों पर अधिकारियों को फटकार लगाने से लेकर अस्पताल व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश देने तक, मंत्री का दौरा प्रशासनिक जवाबदेही और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि विभागीय स्तर पर इन निर्देशों का कितना असर दिखाई देता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *