जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त प्रशासन, अभियान के बाद 70 से घटकर करीब 60 रुपये किलो पहुंची चीनी की कीमत
देहरादून, 2 सितंबर 2026
देहरादून जिले में चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर देहरादून सहित विकासनगर, सहसपुर और ऋषिकेश क्षेत्रों में संयुक्त निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया गया। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और जमाखोरी, कालाबाजारी तथा उपभोक्ताओं से अनुचित कीमत वसूलने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना है।
जिला प्रशासन का दावा है कि लगातार निगरानी और छापेमारी अभियान का असर बाजार पर दिखाई देने लगा है। पिछले दिनों कई बाजारों में चीनी करीब 70 रुपये प्रति किलो तक बिक रही थी, जबकि कार्रवाई के बाद इसकी कीमतों में कमी दर्ज की गई है और कई स्थानों पर चीनी लगभग 60 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराई जा रही है।
दो दर्जन से अधिक थोक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच
जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल के नेतृत्व में देहरादून जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान दो दर्जन से अधिक थोक चीनी विक्रेताओं और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
देहरादून के अलावा विकासनगर, सहसपुर और ऋषिकेश क्षेत्र में अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने व्यापारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। ऋषिकेश में एसडीएम कुमकुम जोशी के नेतृत्व में कार्रवाई की गई, जबकि विकासनगर क्षेत्र में एसडीएम विनोद कुमार के नेतृत्व में निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया गया।
चीनी का स्टॉक और खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड खंगाला
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानों और गोदामों में उपलब्ध चीनी के स्टॉक की विस्तार से जांच की। इसके साथ ही व्यापारियों के बिक्री अभिलेख, खरीद-बिक्री का विवरण और बाजार में प्रचलित कीमतों की भी पड़ताल की गई।
प्रशासन की टीमों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि व्यापारियों द्वारा चीनी की बिक्री निर्धारित नियमों के अनुसार की जा रही है या नहीं। अधिकारियों ने इस बात की भी जांच की कि उपभोक्ताओं से निर्धारित और उचित दर से अधिक कीमत तो नहीं वसूली जा रही।
अभियान के दौरान व्यापारियों को स्टॉक और बिक्री से संबंधित सभी रिकॉर्ड नियमों के अनुसार व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए।
जमाखोरी और कृत्रिम कमी पर होगी कार्रवाई
जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि बाजार में चीनी की कृत्रिम कमी पैदा करने, जमाखोरी करने, कालाबाजारी करने या उपभोक्ताओं से अनुचित कीमत वसूलने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने थोक और फुटकर विक्रेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि चीनी के स्टॉक और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड नियमों के अनुसार रखना अनिवार्य है। साथ ही उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर चीनी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कई विभागों की संयुक्त टीम ने संभाला मोर्चा
चीनी के बढ़ते दामों पर नियंत्रण के लिए चलाए गए अभियान में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया। जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त दीपक सेमवाल के साथ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, गन्ना विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी संयुक्त कार्रवाई का हिस्सा रहे।
प्रशासन का मानना है कि विभिन्न विभागों के समन्वय से बाजार में होने वाली अनियमितताओं पर अधिक प्रभावी तरीके से निगरानी रखी जा सकती है।
70 रुपये से घटकर 60 रुपये किलो तक पहुंची कीमत
प्रशासन के अनुसार पिछले दिनों चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी और कुछ बाजारों में यह करीब 70 रुपये प्रति किलो तक बिक रही थी। बढ़ती कीमतों की शिकायतों के बाद प्रशासन ने बाजार में निरीक्षण और छापेमारी अभियान तेज किया।
अधिकारियों के मुताबिक अभियान शुरू होने के बाद चीनी की कीमतों में कमी दर्ज की गई है। वर्तमान में कई बाजारों में चीनी करीब 60 रुपये प्रति किलो की दर से बिकने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि प्रशासन बाजार की स्थिति और कीमतों पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि भविष्य में दोबारा कृत्रिम रूप से कीमतें बढ़ाने की कोशिश न की जा सके।
नियम तोड़ने वाले व्यापारियों पर होगी कानूनी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि चीनी की उपलब्धता और बाजार में इसकी कीमतों की लगातार निगरानी जारी रहेगी। यदि किसी व्यापारी द्वारा जमाखोरी, कालाबाजारी या निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने व्यापारियों से भी सहयोग की अपील की है और कहा है कि आवश्यक खाद्य वस्तु की उपलब्धता बनाए रखना तथा उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर सामान उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है।
निष्कर्ष
देहरादून जिले में चीनी के बढ़ते दामों को लेकर प्रशासन की कार्रवाई ने बाजार में सख्ती का संदेश दिया है। देहरादून, विकासनगर, सहसपुर और ऋषिकेश में दो दर्जन से अधिक थोक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच कर प्रशासन ने जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों को स्पष्ट चेतावनी दी है।
प्रशासन के अनुसार छापेमारी अभियान के बाद चीनी की कीमतों में कमी आई है और करीब 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंची कीमत कई बाजारों में लगभग 60 रुपये प्रति किलो तक आ गई है। अब प्रशासन लगातार बाजार की निगरानी करेगा और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


