24 घंटे में कई क्षेत्रों में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश, नदी-नालों के तेज बहाव से जनजीवन प्रभावित
हल्द्वानी, 2 सितंबर 2026
नैनीताल जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बीते 24 घंटे के दौरान हुई तेज बारिश के बाद जिले की कई नदियां और नाले उफान पर आ गए हैं। कैंची धाम क्षेत्र में शिप्रा नदी रौद्र रूप में बह रही है, जबकि हल्द्वानी में गौला नदी और रामनगर क्षेत्र में कोसी व दाबका नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन सतर्क हो गया है।
पदमपुरी क्षेत्र में कालसा नदी भी तेज बहाव के साथ बह रही है। भारी बारिश के कारण जिले में बड़ी संख्या में सड़कें बाधित हुई हैं और कई क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
24 घंटे में नैनीताल के कई क्षेत्रों में रिकॉर्ड बारिश
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की सुबह साढ़े नौ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, नैनीताल जिले के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है।
नैनीताल स्नो व्यू क्षेत्र में सबसे अधिक 217 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। हल्द्वानी-काठगोदाम क्षेत्र में 166 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
इसके अलावा मुक्तेश्वर और चोरगलिया में 107.7 मिलीमीटर, कैंची धाम में 105 मिलीमीटर तथा खनस्यू क्षेत्र में 92.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने का खतरा बढ़ गया है, जबकि नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
कैंची धाम में शिप्रा नदी का रौद्र रूप
विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम क्षेत्र में शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। लगातार बारिश के कारण नदी तेज बहाव के साथ बह रही है।
नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से नदी तथा नालों के किनारे जाने से बचने की अपील की जा रही है।
हल्द्वानी में गौला और रामनगर में कोसी-दाबका नदी उफान पर
हल्द्वानी क्षेत्र में गौला नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। नदी के तेज बहाव को देखते हुए लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
वहीं रामनगर क्षेत्र में कोसी और दाबका नदियां भी तेज बहाव के साथ उफान पर हैं। प्रशासन नदी किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी कर रहा है।
पदमपुरी क्षेत्र में कालसा नदी में भी पानी का बहाव काफी तेज बताया गया है।
जिले में 46 सड़कें बाधित, मार्ग खोलने का अभियान जारी
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण नैनीताल जिले की सड़क व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिला आपदा प्रबंधन की रिपोर्ट के अनुसार जिले में तीन राज्य मार्ग, दो मुख्य जिला मार्ग, एक अन्य जिला मार्ग और 41 ग्रामीण मार्ग बाधित हैं।
कुल मिलाकर 46 मार्गों पर बारिश और मलबे का असर पड़ा है।
संबंधित विभागों की टीमें जेसीबी और अन्य मशीनों की सहायता से सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने में जुटी हुई हैं। प्रशासन का प्रयास है कि महत्वपूर्ण मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द खोला जाए।
भारी बारिश से जनहानि और भवनों को नुकसान
आपदा रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक भारी बारिश और आपदा से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की जनहानि दर्ज की गई है।
इसके अलावा 54 भवनों को आंशिक नुकसान पहुंचने की सूचना है, जबकि एक भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त बताया गया है।
बारिश और आपदा का असर पशुपालन पर भी पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार दो पशुओं की हानि हुई है और तीन गौशालाओं को नुकसान पहुंचा है।
भीमताल में नाले में बहने से बच्ची की मौत
लगातार बारिश के बीच एक सितंबर को भीमताल क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना भी सामने आई। तेज बहाव के दौरान एक बच्ची नाले में बह गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से विशेष रूप से बच्चों को नदी, नालों और बरसाती जलधाराओं से दूर रखने की अपील की है।
अल्चौना-पांडेछोर क्षेत्र में 20 परिवार सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
नैनीताल तहसील के अल्चौना-पांडेछोर क्षेत्र में ककड़िया नाले में अत्यधिक पानी और मलबा आने से कई आवास और गौशालाएं प्रभावित हुईं।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए 20 प्रभावित परिवारों को उनके मवेशियों सहित गांव में ही सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित कर दिया है।
प्रशासन के अनुसार प्रभावित क्षेत्र में फिलहाल बिजली और पेयजल आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। हालांकि स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज किया जाएगा।
नदी-नालों से दूर रहने की अपील
नैनीताल जिला प्रशासन ने लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
लोगों को नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, तेज बहाव वाले क्षेत्रों में प्रवेश न करने और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से परहेज करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने कहा है कि पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोग मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करें।
निष्कर्ष
नैनीताल जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात गंभीर बना दिए हैं। कैंची धाम में शिप्रा नदी के रौद्र रूप, हल्द्वानी में गौला नदी के बढ़ते जलस्तर और रामनगर में कोसी-दाबका नदियों के उफान ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
24 घंटे में कई क्षेत्रों में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज होने के बाद जिले की 46 सड़कें बाधित हो गई हैं। जनहानि, भवनों और गौशालाओं को नुकसान की घटनाएं भी सामने आई हैं।
प्रशासन राहत, बचाव और सड़क खोलने के कार्य में जुटा है, जबकि लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की लगातार अपील की जा रही है। मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में प्रशासन और स्थानीय लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।


