वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिक का 12 वर्षीय बेटा बरसाती नाले में बहा, रायपुर में श्रमिक परिवार के 10 वर्षीय बच्चे का नहर से मिला शव
देहरादून, 2 सितंबर 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लगातार हो रही भारी बारिश दो परिवारों के लिए ऐसी त्रासदी बनकर आई, जिसने उनके घरों के चिराग बुझा दिए। शहर में अलग-अलग स्थानों पर तेज बहाव वाले नाले और नहर में बहने से दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई।
पहली घटना कोतवाली पटेल नगर क्षेत्र में भारतीय वन्यजीव संस्थान परिसर की है, जहां एक वैज्ञानिक के 12 वर्षीय बेटे के तेज बहाव वाले नाले में बहने की आशंका जताई गई। घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद उसका शव परिसर से करीब छह किलोमीटर दूर बरसाती नदी से बरामद किया गया।
दूसरी घटना रायपुर थाना क्षेत्र के गूलरघाटी रोड, बालावाला इलाके में हुई, जहां एक 10 वर्षीय बच्चा नहर में गिरकर बह गया। पुलिस, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमों ने लंबे समय तक खोज अभियान चलाया, जिसके बाद बच्चे का शव नहर से बरामद किया गया।
भारतीय वन्यजीव संस्थान से लापता हुआ वैज्ञानिक का बेटा
पहली दर्दनाक घटना देहरादून के कोतवाली पटेल नगर क्षेत्र में स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान परिसर में सामने आई। संस्थान में वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत एक कर्मचारी का 12 वर्षीय बेटा सम्राट गोपी जीवी मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे अचानक लापता हो गया।
बच्चे के अचानक गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों और आसपास के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका।
बच्चे के नहीं मिलने पर परिजनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी उसकी जानकारी साझा की और पुलिस को मामले की सूचना दी गई।
सीसीटीवी में बाहर जाने का नहीं मिला सुराग
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। संस्थान परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
जांच के दौरान पुलिस को बच्चे के परिसर से बाहर जाने का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिसर से होकर गुजरने वाले बरसाती नाले में बच्चे के गिरने और तेज बहाव में बह जाने की आशंका जताई गई।
बारिश के कारण नाले में पानी का बहाव काफी तेज था, जिसके चलते पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने नाले के आसपास व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
ड्रोन से भी हुई तलाश, छह किलोमीटर दूर मिला शव
बच्चे की तलाश के लिए पुलिस और एसडीआरएफ ने कई घंटों तक अभियान चलाया। सर्च ऑपरेशन को प्रभावी बनाने के लिए ड्रोन की सहायता भी ली गई।
लगातार खोजबीन के बाद एसडीआरएफ की टीम ने बडोवाला के पास डीएसपी चौक स्थित बरसाती नदी से बच्चे का शव बरामद किया।
प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि बच्चा परिसर से होकर गुजरने वाले नाले के तेज बहाव में बहता हुआ करीब छह किलोमीटर दूर तक पहुंच गया।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।
रायपुर में नहर में बहा 10 वर्षीय बच्चा
दूसरी घटना देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र के गूलरघाटी रोड, बालावाला इलाके की है। मंगलवार को 10 वर्षीय केपी नहर में गिर गया था।
बच्चे के नहर में गिरने की सूचना मिलते ही रायपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया।
तेज बहाव और बारिश के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण रहा। टीमों ने नहर के विभिन्न हिस्सों में रातभर बच्चे की तलाश की।
एक किलोमीटर दूर मिला बच्चे का शव
लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद एसडीआरएफ की टीम ने 10 वर्षीय बच्चे का शव गूलरघाटी नहर से बरामद किया।
बताया गया कि बच्चा मूल रूप से लखीमपुर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। उसके माता-पिता देहरादून में मजदूरी करते हैं।
पुलिस के अनुसार बच्चा शारीरिक रूप से दिव्यांग था। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद बच्चे का शव भी परिजनों को सौंप दिया गया।
एसएसपी ने लोगों से बरतने की अपील की सावधानी
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने दोनों बच्चों की मौत के बाद आम लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान नदियों, नालों और नहरों में पानी का बहाव अचानक और बेहद तेज हो सकता है। ऐसे स्थानों पर जाने से बचना चाहिए।
पुलिस ने विशेष रूप से अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को बरसाती नालों, नहरों और तेज बहाव वाले नदी क्षेत्रों से दूर रखें।
विकासनगर में जलभराव में फंसे पांच लोगों का रेस्क्यू
भारी बारिश के बीच विकासनगर क्षेत्र से राहत की खबर भी सामने आई। देर रात 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि लगातार बारिश के कारण जलभराव होने से एक मकान में कुछ लोग फंस गए हैं।
सूचना मिलते ही विकासनगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
पुलिस टीम ने भारी जलभराव के बीच मकान में फंसे पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
बारिश के दौरान बढ़ा नाले और नहरों का खतरा
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण नदी-नाले और नहरें उफान पर हैं। सामान्य दिनों में शांत दिखाई देने वाले छोटे नाले भी तेज बारिश के दौरान अचानक खतरनाक रूप ले रहे हैं।
प्रशासन और पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव को हल्के में न लें और किसी भी स्थिति में नदी, नाले या नहर को पार करने का प्रयास न करें।
विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए परिवारों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
निष्कर्ष
देहरादून में हुई इन दो दर्दनाक घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मानसून के दौरान तेज बहाव वाले नाले, नहर और बरसाती नदियां कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं।
एक ओर भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिक के 12 वर्षीय बेटे सम्राट गोपी जीवी की बरसाती नाले में बहने से मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर रायपुर क्षेत्र में श्रमिक परिवार के 10 वर्षीय बच्चे केपी की नहर में गिरने के बाद जान चली गई।
इन दोनों घटनाओं ने दो परिवारों के घरों के चिराग बुझा दिए। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान पूरी सावधानी बरतें और बच्चों को किसी भी हालत में तेज बहाव वाले नालों, नहरों और नदियों के पास न जाने दें।


