राज्य निर्माण के बलिदानियों को श्रद्धांजलि, युवाओं के रोजगार, भू-कानून और विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री ने सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं
मसूरी, देहरादून, 2 सितंबर 2026
उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास में दर्ज मसूरी गोलीकांड के शहीदों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य लंबे संघर्ष, जनआंदोलन और अनेक लोगों के बलिदान के बाद अस्तित्व में आया है और सरकार राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं तथा शहीदों के सपनों के अनुरूप प्रदेश के विकास के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने मसूरी गोलीकांड में शहीद हुए छह आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने डीएसपी उमाकांत त्रिपाठी को भी नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया।
मसूरी गोलीकांड के शहीदों का बलिदान कभी नहीं भुलाया जा सकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण आसान संघर्ष का परिणाम नहीं था। राज्य आंदोलन के दौरान हजारों लोगों ने अपने अधिकारों और अलग राज्य की मांग को लेकर संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि शहीदों ने अपने व्यक्तिगत भविष्य की चिंता किए बिना आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उत्तराखंड के निर्माण में जिन लोगों ने संघर्ष किया और अपने प्राणों की आहुति दी, उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का उत्तराखंड उन शहीदों और आंदोलनकारियों के संघर्ष की ही देन है।
राज्य आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका को किया याद
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महिलाओं की भूमिका को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि अलग उत्तराखंड राज्य के आंदोलन में मातृशक्ति का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों में महिलाओं ने आंदोलन को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। राज्य निर्माण के संघर्ष में मातृशक्ति की भागीदारी ने उत्तराखंड आंदोलन को जनआंदोलन का स्वरूप दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं का संघर्ष और योगदान राज्य के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आंदोलनकारियों की भावनाओं के अनुरूप काम करने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड आंदोलनकारियों की भावनाओं और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों के अनुरूप काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों से जुड़े कई मुद्दों पर निर्णय लिए हैं और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार का उद्देश्य केवल विकास योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि उन मूल उद्देश्यों को पूरा करना भी है जिनके लिए उत्तराखंड राज्य आंदोलन किया गया था।
राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को ध्यान में रखते हुए उनकी पेंशन बढ़ाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों का सम्मान और उनके योगदान को उचित पहचान देना सरकार की प्राथमिकता है। राज्य निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के प्रति प्रदेश हमेशा ऋणी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आगे भी आंदोलनकारियों के हितों और सम्मान से जुड़े मामलों पर सकारात्मक रूप से काम करती रहेगी।
शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड का निर्माण करना है।
उन्होंने कहा कि एक ऐसा उत्तराखंड बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है जहां विकास के अवसर सभी क्षेत्रों तक पहुंचें और पहाड़ों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।
सरकार का लक्ष्य प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
भू-कानून की मांग पर सरकार के कदमों का उल्लेख
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की लंबे समय से चली आ रही भू-कानून से संबंधित मांग को लेकर सरकार ने कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भूमि, संसाधनों और स्थानीय हितों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है और प्रदेश के हितों को ध्यान में रखते हुए नीतिगत निर्णय लिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य के विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की पहचान और हितों की रक्षा करना भी सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है।
सड़क और रेल कनेक्टिविटी के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास के लिए मजबूत कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है। सरकार प्रदेश में सड़क और रेल संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
बेहतर सड़क व्यवस्था से दूरस्थ क्षेत्रों तक सुविधाएं पहुंचाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी के विस्तार से प्रदेश के विकास को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर फोकस
मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं के रोजगार को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड का कोई भी युवा केवल रोजगार की तलाश में प्रदेश से बाहर पलायन करने के लिए मजबूर न हो।
इसके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और राज्य में विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
देश के श्रेष्ठ राज्यों में उत्तराखंड को शामिल करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उत्तराखंड को देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के लिए जिन लोगों ने बलिदान दिया, उनके सपनों को साकार करना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
विकास, रोजगार, बेहतर कनेक्टिविटी और स्थानीय हितों की सुरक्षा के माध्यम से उत्तराखंड को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
निष्कर्ष
मसूरी गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के संघर्ष और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने, भू-कानून से जुड़े कदमों, सड़क और रेल कनेक्टिविटी के विकास तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने को सरकार के प्रमुख कार्यों के रूप में सामने रखा।
मसूरी की धरती से मुख्यमंत्री का संदेश साफ रहा कि उत्तराखंड के शहीदों का बलिदान प्रदेश के विकास की प्रेरणा है और सरकार राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं के अनुरूप उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।


