स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 10 जुलाई 2026
उत्तराखंड सरकार ने वर्दीधारी सेवाओं में भर्ती की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को बड़ी राहत दी है। कार्मिक एवं सतर्कता विभाग ने ‘उत्तराखंड वर्दीधारी सिपाही पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया (संशोधन) नियमावली-2026’ की अधिसूचना जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत विभिन्न विभागों में सिपाही स्तर के पदों पर भर्ती के लिए आयु सीमा संबंधी नियमों में अस्थायी संशोधन किया गया है, जिससे आगामी तीन वर्षों तक बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
सरकार के निर्णय के अनुसार वर्दीधारी सिपाही पदों पर भर्ती के लिए एकीकृत नियमावली में निर्धारित आयु सीमा का पूर्ण रूप से लागू होना अब 31 दिसंबर 2028 के बाद होगा। यानी इस अवधि तक अधिकांश पदों पर भर्ती संबंधित विभागों की पुरानी सेवा नियमावली के अनुसार ही की जाएगी। नई व्यवस्था 1 जनवरी 2029 से प्रभावी होगी।
दरअसल, सरकार ने पहले सभी वर्दीधारी सेवाओं के लिए एकीकृत भर्ती नियमावली लागू करते हुए आयु सीमा 18 से 35 वर्ष निर्धारित की थी। इस बदलाव के बाद कई ऐसे अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे, जो पूर्व निर्धारित सेवा नियमों के अनुसार पात्र थे। लगातार उठ रही मांगों और युवाओं की आपत्तियों को देखते हुए सरकार ने अब संशोधन करते हुए अंतरिम राहत देने का निर्णय लिया है।
हालांकि यह छूट सभी पदों पर लागू नहीं होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उप निरीक्षक (पुलिस एवं अभिसूचना), प्लाटून कमांडर (पीएसी एवं आईआरबी), अग्निशमन द्वितीय अधिकारी तथा वन दरोगा जैसे पद इस विशेष व्यवस्था से बाहर रहेंगे। इन पदों पर भर्ती पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार ही संचालित होगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर 2028 तक अन्य निर्धारित सिपाही पदों पर भर्ती संबंधित सेवा नियमावली के अनुरूप होगी। इसके बाद 1 जनवरी 2029 से राज्य की सभी वर्दीधारी सेवाओं में एक समान आयु सीमा लागू कर दी जाएगी। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार मिलने वाली आयु सीमा में छूट पूर्व की भांति जारी रहेगी।
इन विभागों की सिपाही भर्ती में मिलेगी राहत
- गृह विभाग के अग्निशामक पद
- गृह विभाग के बंदी रक्षक पद
- वन विभाग के वन आरक्षी पद
- आबकारी विभाग के आबकारी सिपाही पद
- परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही पद
संशोधित नियमावली के साथ सरकार ने शारीरिक मानकों को भी स्पष्ट कर दिया है। पुरुष अभ्यर्थियों के लिए पद के अनुसार न्यूनतम ऊंचाई 163 सेंटीमीटर से 167.7 सेंटीमीटर तक निर्धारित की गई है। सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों पर यह मानक लागू होंगे, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों और अनुसूचित जनजाति वर्ग को नियमानुसार विशेष छूट प्रदान की जाएगी।
महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम वजन 45 किलोग्राम अनिवार्य रखा गया है। इसके अलावा शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) में शामिल प्रत्येक गतिविधि को उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। यदि कोई अभ्यर्थी किसी एक भी परीक्षण में असफल होता है तो उसे भर्ती प्रक्रिया से बाहर माना जाएगा।
पुरुष एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए क्रिकेट बॉल थ्रो और लंबी कूद के अलग-अलग मानक निर्धारित किए गए हैं। कुछ पदों पर पुरुष अभ्यर्थियों के लिए कम से कम पांच बार बीम (Pull-up) करना भी अनिवार्य होगा। वन दरोगा भर्ती में पुरुष अभ्यर्थियों को चार घंटे में 25 किलोमीटर तथा महिला अभ्यर्थियों को चार घंटे में 14 किलोमीटर की पैदल दौड़ पूरी करनी होगी।
पुलिस एवं अन्य वर्दीधारी विभागों की भर्ती के लिए पुरुष अभ्यर्थियों को 32 मिनट के भीतर 5 किलोमीटर तथा महिला अभ्यर्थियों को 15 मिनट में 2 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। इसके अलावा 25×4 मीटर की शटल रेस भी 30 सेकंड के भीतर पूरी करना अनिवार्य रहेगा। सरकार का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखते हुए शारीरिक रूप से सक्षम अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित करना है।
निष्कर्ष:
उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी संशोधित भर्ती नियमावली से वर्दीधारी सेवाओं में भर्ती की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। 31 दिसंबर 2028 तक पुराने सेवा नियमों के अनुसार भर्ती जारी रहने से लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा। वहीं, सरकार ने शारीरिक दक्षता और चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं मानकीकृत बनाकर भविष्य की भर्तियों के लिए स्पष्ट दिशा भी तय कर दी है।


