देहरादून | 9 जुलाई 2026
राजधानी देहरादून स्थित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गुरुवार को एक शर्मनाक घटना सामने आई, जहां ओपीडी परिसर में दवा वितरण काउंटर पर लाइन में खड़ी एक युवती के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा खड़ा हो गया। मौके पर मौजूद तीमारदारों और अन्य लोगों ने आरोपित कर्मचारी को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक आरोपित वहां से फरार हो चुका था।
जानकारी के अनुसार घटना दोपहर करीब 2:30 बजे की है। ओपीडी भवन स्थित डिस्पेंसरी में बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन दवा लेने के लिए कतार में खड़े थे। इसी दौरान उपनल के माध्यम से तैनात एक सफाई कर्मचारी महिलाओं की कतार के पास पहुंचा। आरोप है कि उसने लाइन में खड़ी एक युवती के साथ अनुचित व्यवहार और छेड़छाड़ की।
युवती द्वारा विरोध और शोर मचाने पर आसपास मौजूद तीमारदार और अन्य लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने आरोपित कर्मचारी को पकड़ लिया और उसके साथ हाथापाई कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवती ने भी आरोपित को थप्पड़ मारे। घटना के चलते कुछ देर के लिए ओपीडी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और आरोपित कर्मचारी को गार्ड रूम की ओर ले जाया गया। हालांकि पुलिस के अस्पताल पहुंचने से पहले ही वह वहां से निकल गया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है और मामले की जांच की जा रही है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार युवती की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। इसके बावजूद घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने स्वतः संज्ञान लेते हुए संबंधित उपनल कर्मचारी को तत्काल हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.एस. बिष्ट ने कहा कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की अभद्रता या महिलाओं के साथ अनुचित व्यवहार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रतीत होने पर संबंधित कर्मचारी को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए सुरक्षा कर्मियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।
घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपित कर्मचारी की ड्यूटी आईपीडी भवन में लगाई गई थी। ऐसे में यह जांच का विषय बन गया है कि वह ओपीडी भवन में कैसे पहुंचा और लंबे समय तक वहां क्या कर रहा था। यदि वह किसी कार्य से आया था, तो महिलाओं की कतार तक पहुंचने की स्थिति कैसे बनी।
अस्पताल प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि ओपीडी में तैनात सुरक्षा कर्मियों की नजर समय रहते उस कर्मचारी पर क्यों नहीं पड़ी। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित कर्मचारी पहले भी कई बार ओपीडी क्षेत्र में अनावश्यक रूप से घूमता हुआ देखा गया था। इन सभी बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि पीड़िता की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो मामले में विधिक प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
निष्कर्ष
दून अस्पताल जैसे संवेदनशील स्वास्थ्य संस्थान में सामने आई यह घटना सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपित कर्मचारी को हटाने के निर्देश दिए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के आधार पर दोषी के खिलाफ आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को कितना मजबूत बनाया जाता है।


