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देहरादून में एमडीडीए का बड़ा एक्शन, 10 बीघा अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर; तीन अवैध निर्माण भी किए सील

देहरादून | 9 जुलाई 2026

राजधानी देहरादून में अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए बड़े स्तर पर अभियान चलाया। प्रवर्तन टीमों ने शहर और ऋषिकेश में एक साथ चार स्थानों पर कार्रवाई करते हुए करीब 10 बीघा में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया, जबकि तीन अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद भूमाफिया और नियमों का उल्लंघन कर निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है।

एमडीडीए के अनुसार प्राधिकरण को विभिन्न क्षेत्रों में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों की जांच के बाद जब निर्माण और प्लाटिंग नियमों के विपरीत पाई गई, तब प्रवर्तन टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर कार्रवाई को अंजाम दिया।

अभियान के दौरान नया हाईवे स्थित सुमेरू विहार के समीप कुलदीप रावत द्वारा लगभग 10 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया गया। मौके पर बनाई गई आंतरिक सड़कें, सीमांकन, मिट्टी भरान और अन्य विकास कार्यों को जेसीबी मशीनों की मदद से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि पर विकास कार्यों के लिए आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त नहीं की गई थीं।

इसके अलावा देहरादून के चुक्खुवाला क्षेत्र में पोस्ट ऑफिस के पीछे राजेश्वरी भट्ट द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के कराए जा रहे निर्माण को एमडीडीए ने सील कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित निर्माण कार्य विकास प्राधिकरण की अनुमति के बिना किया जा रहा था, जिसके चलते नियमानुसार कार्रवाई की गई।

ऋषिकेश क्षेत्र में भी एमडीडीए की टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। हरिपुर कलां में आदित्य नाथ अखाड़े के सामने आदित्य मित्तल द्वारा कराए जा रहे निर्माण तथा गोडविन स्कूल के निकट धीरेन्द्र परिहार द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य को भी अवैध पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

एमडीडीए अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी अवैध प्लाटिंग, बिना स्वीकृत भवन निर्माण और भूमि उपयोग नियमों के उल्लंघन के मामलों में इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीमें लगातार विभिन्न क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच की जा रही है।

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। किसी भी व्यक्ति को नियमों की अनदेखी कर निर्माण करने या अवैध रूप से प्लाटिंग विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित नियमों और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही किए जाने चाहिए।

उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि किसी भी भूखंड या संपत्ति की खरीद से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पूरी तरह जांच अवश्य करें। संबंधित भूमि की स्वीकृति, भू-उपयोग, लेआउट और प्राधिकरण से मिली अनुमतियों की पुष्टि किए बिना निवेश करने से भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी विवादों का सामना करना पड़ सकता है।

एमडीडीए का कहना है कि अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिन क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन पाएगा, वहां बिना किसी पूर्वाग्रह के विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध निर्माण या प्लाटिंग की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें।

निष्कर्ष

राजधानी देहरादून और ऋषिकेश में एमडीडीए की ताजा कार्रवाई यह स्पष्ट संकेत देती है कि अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति निर्माण के मामलों में अब किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। 10 बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त करने और तीन निर्माण सील करने की कार्रवाई ने नियमों का उल्लंघन करने वालों को सख्त संदेश दिया है। आने वाले दिनों में भी प्राधिकरण द्वारा ऐसे अभियानों के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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