स्थान: हरिद्वार/रुड़की, उत्तराखंड
तारीख: 10 जुलाई 2026
सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने की होड़ अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। हरिद्वार के बजरीवाला क्षेत्र में कुछ युवकों ने रील बनाने और स्टंट करने के उद्देश्य से अपनी थार एसयूवी को गंगा नदी में उतार दिया। इसी दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया और वाहन नदी के बीच फंस गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को मौके पर पहुंचकर क्रेन की मदद से वाहन को बाहर निकलवाना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक अपनी थार की क्षमता दिखाने और सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने के उद्देश्य से गंगा के उथले हिस्से में वाहन चला रहे थे। शुरुआत में सब सामान्य दिखाई दिया, लेकिन कुछ ही देर में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। पानी बढ़ने के साथ वाहन बीच धारा में फंस गया और उसमें सवार युवकों में अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए आगे आकर वाहन को रस्सियों की सहायता से बांध दिया, ताकि तेज बहाव में वह बह न जाए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद कनखल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत अभियान शुरू किया गया।
पुलिस ने तत्काल क्रेन मंगवाई और काफी मशक्कत के बाद थार को सुरक्षित नदी से बाहर निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया।
जांच में सामने आया कि युवक केवल रील बनाने और स्टंट करने के उद्देश्य से वाहन को नदी में लेकर गए थे। पुलिस ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए थार को सीज कर दिया। साथ ही संबंधित युवकों को भविष्य में इस तरह की जोखिमपूर्ण गतिविधियों से दूर रहने की कड़ी चेतावनी दी गई।
सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने कहा कि बरसात के मौसम में नदियों का जलस्तर बिना किसी पूर्व सूचना के तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में नदी के भीतर वाहन ले जाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि चालक और आसपास मौजूद लोगों की जान को भी गंभीर खतरे में डाल सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने के लिए अपनी और दूसरों की सुरक्षा से खिलवाड़ न करें।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि नदी, नालों और अन्य जलधाराओं में स्टंट या रील बनाने जैसी गतिविधियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन लगातार लोगों को बरसात के दौरान नदी किनारों और जलधाराओं से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहा है।
रुड़की में जलभराव बना हादसे की वजह, खुले नाले में गिरी बुलेट
हरिद्वार जिले के रुड़की शहर में पहली ही तेज बारिश के बाद नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। अंबर तालाब मोहल्ला स्थित आनंद टेंट हाउस के पास जलभराव के बीच एक युवक अपनी बुलेट मोटरसाइकिल सहित खुले नाले में गिर गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकाल लिया और उसकी जान बच गई।
जानकारी के अनुसार अमित कपिल नामक युवक किसी आवश्यक कार्य से जा रहा था। सड़क पर भारी जलभराव होने के कारण उसे खुले नाले का अंदाजा नहीं लग सका और उसकी मोटरसाइकिल सीधे नाले में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और काफी प्रयास के बाद युवक तथा उसकी मोटरसाइकिल को बाहर निकाला। हालांकि युवक सुरक्षित बच गया, लेकिन उसकी मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई।
पीड़ित अमित कपिल ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि खुले नालों के आसपास न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर स्थानीय लोग मदद के लिए नहीं पहुंचते तो यह हादसा गंभीर रूप ले सकता था।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने बरसात के मौसम में सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रशासनिक सतर्कता की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के दौरान नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
निष्कर्ष:
हरिद्वार में रील बनाने के दौरान गंगा में फंसी थार और रुड़की में खुले नाले में गिरी मोटरसाइकिल—दोनों घटनाएं लापरवाही और बरसात के मौसम में बढ़े जोखिम की गंभीर तस्वीर पेश करती हैं। एक ओर सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी भी दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, नियमों का पालन करने और किसी भी प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधि से बचने की अपील की है।


