स्थान : ऋषिकेश, उत्तराखंड
तारीख : 30 मई 2026
हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर ऋषिकेश में पत्रकारों के सम्मान और पत्रकारिता के मूल्यों को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन और ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में पत्रकारिता के महत्व, सामाजिक सरोकारों और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों, वरिष्ठ पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने देश में जनजागरण, सामाजिक चेतना और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में ऐतिहासिक योगदान दिया है।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
शनिवार को आयोजित समारोह का शुभारंभ उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, वरिष्ठ समाजसेवी बचन पोखरियाल, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष राजीव खत्री, ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट के अध्यक्ष हरिओम शर्मा, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं ऋषिकेश प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र चमोली तथा श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के पूर्व अध्यक्ष राजेश शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत हिंदी पत्रकारिता के इतिहास और उसके योगदान को याद करते हुए की गई। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों के योगदान को भी रेखांकित किया गया।
पत्रकार समाज और सरकार के बीच मजबूत कड़ी : कुसुम कंडवाल
मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार समाज और सरकार के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित आधारित पत्रकारिता बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार केवल समाचारों के प्रसारक नहीं होते, बल्कि समाज को जागरूक करने, सकारात्मक दिशा देने और जनभावनाओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कुसुम कंडवाल ने पत्रकारों से अपील की कि वे सत्य, निष्पक्षता और सामाजिक सरोकारों को अपनी प्राथमिकता बनाकर पत्रकारिता के उच्च मानकों को बनाए रखें।
बदलते दौर में पत्रकारिता की जिम्मेदारी और बढ़ी
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी बचन पोखरियाल ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि पत्रकारिता के मूल उद्देश्यों और दायित्वों को याद करने का अवसर भी है।
उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल मीडिया के इस दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारियां पहले से अधिक बढ़ गई हैं। पत्रकारों को तकनीकी बदलावों के साथ कदम मिलाकर चलते हुए जनहित और सत्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाज को सही और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराना पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व है।
पत्रकारिता के मूल्यों को सशक्त बनाने पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने पत्रकारिता की चुनौतियों, बदलते मीडिया परिदृश्य और लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबरों का प्रसारण नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना भी है। वर्तमान समय में तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।
इन वरिष्ठ पत्रकारों को किया गया सम्मानित
हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर पत्रकारिता क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया।
समारोह में ऋषिकेश प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष आशीष डोभाल, वरिष्ठ पत्रकार मनोज राणा तथा वरिष्ठ पत्रकार सुदीप कपरूवाण को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि कुसुम कंडवाल ने सम्मानित पत्रकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके योगदान की सराहना की।
सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने सम्मानित पत्रकारों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।
आयोजकों ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष राजीव खत्री ने सभी अतिथियों, पत्रकारों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता दिवस पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को याद करने और पत्रकारों के योगदान को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने भविष्य में भी पत्रकारों के हितों और पत्रकारिता के मूल्यों को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की बात कही।
निष्कर्ष
ऋषिकेश में आयोजित हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह ने पत्रकारिता के मूल्यों, दायित्वों और समाज में उसकी भूमिका को एक बार फिर रेखांकित किया। कार्यक्रम में निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित आधारित पत्रकारिता की आवश्यकता पर जोर दिया गया, वहीं वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित कर उनके योगदान को भी सराहा गया। यह आयोजन पत्रकारिता के प्रति सम्मान और लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका का सशक्त संदेश देने वाला साबित हुआ।



