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मसूरी में ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, फास्टैग से कटेगा इको टैक्स और माल रोड प्रवेश शुल्क, तीन माह में लागू होगी नई डिजिटल व्यवस्था

दिनांक: 27 जून 2026
स्थान: मसूरी, देहरादून (उत्तराखंड)

मसूरी। पर्यटन सीजन के दौरान पहाड़ों की रानी मसूरी में इको बैरियर और माल रोड पर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से जल्द राहत मिलने वाली है। मसूरी नगर पालिका परिषद ने वाहनों से इको टैक्स और माल रोड प्रवेश शुल्क की वसूली को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब फास्टैग आधारित शुल्क प्रणाली लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही तेज होगी, लंबी कतारें खत्म होंगी और शुल्क संग्रह व्यवस्था अधिक पारदर्शी बन सकेगी।

नई प्रणाली को लेकर नगर पालिका सभागार में संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और अन्य हितधारकों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की गई, जिसमें तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।


मैन्युअल वसूली के कारण लगते हैं लंबे जाम

वर्तमान में मसूरी-देहरादून मार्ग स्थित कोल्हूखेत इको बैरियर और माल रोड प्रवेश बैरियर पर इको टैक्स एवं प्रवेश शुल्क मैन्युअल तरीके से लिया जाता है। पर्यटन सीजन के दौरान हजारों वाहनों की आवाजाही के कारण बैरियरों पर लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को घंटों तक जाम का सामना करना पड़ता है।

नगर पालिका का मानना है कि फास्टैग आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू होने के बाद वाहनों को बैरियर पर रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।


तीन महीने में लागू करने का लक्ष्य

नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि नई व्यवस्था को अगले तीन महीनों के भीतर लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए तकनीकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संबंधित कंपनी के साथ विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह प्रणाली पर्यटकों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सेवा उपलब्ध कराएगी, वहीं नगर पालिका के लिए राजस्व संग्रह को भी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाएगी।


कोल्हूखेत बैरियर पर बनेंगी तीन अलग-अलग लेन

नई व्यवस्था के तहत कोल्हूखेत इको बैरियर पर यातायात को सुचारु बनाने के लिए तीन अलग-अलग लेन विकसित की जाएंगी।

पहली लेन केवल फास्टैग से गुजरने वाले वाहनों के लिए होगी, जहां डिजिटल माध्यम से स्वतः शुल्क कट जाएगा।

दूसरी लेन मसूरी के स्थानीय निवासियों के लिए निर्धारित होगी, ताकि उन्हें अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।

तीसरी लेन दोपहिया वाहनों के लिए होगी, जहां फिलहाल शुल्क संग्रह मैन्युअल प्रक्रिया के माध्यम से जारी रहेगा।

इसी प्रकार माल रोड प्रवेश बैरियर पर भी डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे प्रवेश प्रक्रिया अधिक तेज और व्यवस्थित होगी।


स्थानीय लोगों को मिलेगा विशेष पास

नगर पालिका ने स्थानीय निवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। इसके तहत मसूरी के स्थायी निवासियों को अपनी गाड़ियों का नगर पालिका में पंजीकरण कराना होगा।

सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें विशेष पास जारी किए जाएंगे। इस पास के लिए केवल नाममात्र का शुल्क निर्धारित किया जाएगा, जिसकी अंतिम स्वीकृति नगर पालिका बोर्ड की बैठक में दी जाएगी।

पालिका अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था से स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की अतिरिक्त परेशानी नहीं होने दी जाएगी।


डिजिटल व्यवस्था से बढ़ेगी पारदर्शिता

नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि बैरियरों पर शुल्क संग्रह को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। नई डिजिटल प्रणाली लागू होने के बाद इको टैक्स और प्रवेश शुल्क से प्राप्त होने वाला पूरा राजस्व ऑनलाइन दर्ज होगा और उसका रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा।

इससे शुल्क संग्रह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी तथा किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार की आशंकाओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी।


जनता से मांगे जाएंगे सुझाव

नगर पालिका ने इस परियोजना को जनहित में लागू करने से पहले नागरिकों, व्यापारियों और स्थानीय संगठनों से सुझाव भी आमंत्रित किए हैं।

यदि किसी व्यक्ति या संस्था को नई व्यवस्था को लेकर कोई सुझाव अथवा आपत्ति है तो वह आगामी तीन महीनों के भीतर नगर पालिका को लिखित रूप में अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है। प्राप्त सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने के बाद अंतिम व्यवस्था लागू की जाएगी।


निष्कर्ष

मसूरी में फास्टैग आधारित इको टैक्स और माल रोड प्रवेश शुल्क प्रणाली लागू होने से पर्यटन नगरी की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। इससे जहां पर्यटकों को बैरियरों पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, वहीं स्थानीय लोगों को भी सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। डिजिटल भुगतान प्रणाली राजस्व संग्रह को पारदर्शी बनाएगी और पर्यटन सीजन के दौरान लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या को काफी हद तक कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह पहल स्मार्ट और आधुनिक मसूरी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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