स्थान: खटीमा (उधम सिंह नगर), उत्तराखंड
तारीख: 10 जुलाई 2026
उधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष का एक और चिंताजनक मामला सामने आया है। किलपुरा वन रेंज के बिरिया मझोला क्षेत्र में दो जंगली नर हाथियों के बीच हुई भीषण भिड़ंत के दौरान एक हाथी अत्यधिक आक्रामक हो गया और जंगल के किनारे पानी में नहा रहे भैंसों के झुंड पर हमला कर दिया। इस हमले में एक भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार घटना बुधवार को किलपुरा वन रेंज के कंपार्टमेंट संख्या-18 में हुई। बताया जा रहा है कि दो नर हाथी आपसी संघर्ष करते हुए जंगल से निकलकर बगईया नाले के समीप पहुंच गए। इसी दौरान नाले में ग्रामीणों की भैंसें पानी में खड़ी थीं। हाथियों की लड़ाई के बीच अचानक एक हाथी भैंसों की ओर मुड़ गया और तेज गति से उनकी तरफ दौड़ पड़ा।
हाथी को अपनी ओर आता देख भैंसों के झुंड में भगदड़ मच गई। अधिकांश भैंसें वहां से भागने में सफल रहीं, लेकिन एक भैंस हाथी की चपेट में आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आक्रोशित हाथी ने अपनी सूंड और दांतों की मदद से भैंस को कई बार हवा में उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृत भैंस बिरिया मझोला निवासी अब्दुल करीम गुर्जर की बताई जा रही है। घटना के दौरान आसपास मौजूद ग्रामीणों ने हाथी के हमले का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर भी सामने आया। वीडियो में हाथी का आक्रामक व्यवहार स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही मझोला वन चौकी के वनकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे। इसके बाद वन दरोगा अवतार सिंह अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग की टीम ने दोनों हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल के भीतर वापस खदेड़ दिया, जिससे आसपास के गांवों में किसी बड़े हादसे की संभावना टल गई।
वन विभाग ने घटना के बाद जंगल से सटे गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त भी तेज कर दी गई है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी हाथियों की मौजूदगी दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें और किसी भी स्थिति में उनके करीब जाने का प्रयास न करें।
वन दरोगा अवतार सिंह ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि जंगली हाथी आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश न करें और किसी प्रकार की जनहानि या अन्य नुकसान की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और वन विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
दूसरी ओर, भैंस की मौत के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग से उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से लगे क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से हाथियों के आतंक से स्थायी राहत दिलाने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए प्रभावी उपाय लागू करने की मांग की है।
निष्कर्ष:
खटीमा के बिरिया मझोला क्षेत्र में हुई यह घटना एक बार फिर मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष की गंभीरता को उजागर करती है। वन विभाग ने निगरानी और गश्त बढ़ा दी है, लेकिन जंगल से सटे गांवों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और उनकी आजीविका की रक्षा के लिए दीर्घकालिक रणनीति की आवश्यकता महसूस की जा रही है। फिलहाल ग्रामीण दहशत के माहौल में हैं और प्रशासन से मुआवजे के साथ-साथ स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।


