देहरादून | 12 अगस्त 2026
उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा के बाद अब कांग्रेस भी संगठन को चुनावी मोड में लाने की तैयारी में जुट गई है। इसी कड़ी में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की 17 अगस्त को दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। बैठक में अगले एक से डेढ़ महीने के संगठनात्मक कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
दिल्ली बैठक में तय होगी कांग्रेस की आगामी रणनीति
कांग्रेस की दिल्ली में होने वाली बैठक को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व बैठक में प्रदेश संगठन को सक्रिय करने के साथ-साथ बूथ स्तर तक संगठन की मजबूती, जनसंपर्क अभियान और सरकार के खिलाफ मुद्दों को जनता के बीच ले जाने की रणनीति पर मंथन करेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के मुताबिक बैठक में अगले एक से डेढ़ महीने के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय नेताओं के उत्तराखंड दौरे और पार्टी के प्रस्तावित कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा होगी।
राहुल, प्रियंका और खड़गे के कार्यक्रमों पर भी नजर
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से उत्तराखंड में बड़े नेताओं के कार्यक्रमों को लेकर सकारात्मक भरोसा मिला है। पार्टी की मांग के अनुसार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के उत्तराखंड दौरे प्रस्तावित किए जा सकते हैं।
कांग्रेस का मानना है कि राष्ट्रीय नेताओं के कार्यक्रमों से प्रदेश संगठन को चुनावी धार देने के साथ कार्यकर्ताओं में भी नई ऊर्जा पैदा होगी। पार्टी इन कार्यक्रमों के जरिए केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर जनता के बीच अपना पक्ष मजबूत करने की तैयारी कर रही है।
भाजपा की गतिविधियों के बाद कांग्रेस ने भी बढ़ाई सक्रियता
विधानसभा चुनाव की तैयारियों में भाजपा पहले से ही संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय है। 5 अगस्त को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में उत्तराखंड प्रदेश कोर कमेटी की बैठक हुई थी। इसमें अगस्त और सितंबर के लिए संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई।
भाजपा की ओर से प्रदेशभर में तिरंगा यात्रा, हर घर तिरंगा अभियान, बूथ सशक्तीकरण, शक्ति केंद्रों की बैठक, लोकसभावार कार्यक्रम और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ संवाद जैसे कार्यक्रमों पर जोर दिया जा रहा है।
16 अगस्त को कुमाऊं मंडल के जिला और मंडल अध्यक्षों की बैठक हल्द्वानी में प्रस्तावित है। इसके बाद संगठन को बूथ स्तर तक और सक्रिय करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने की तैयारी
2027 के चुनाव में दोनों प्रमुख दलों का फोकस बूथ स्तर के संगठन पर दिखाई दे रहा है। कांग्रेस भी अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संगठन की स्थिति मजबूत करने की तैयारी कर रही है।
पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने के बाद संगठन को एकजुट रखते हुए चुनावी मुकाबले में मजबूती से उतरने की है। ऐसे में आगामी बैठक में जमीनी स्तर पर पार्टी की सक्रियता बढ़ाने के लिए कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
बेरोजगारी और भर्ती घोटालों को बनाएगी प्रमुख मुद्दा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने संकेत दिया है कि पार्टी आगामी चुनाव में बेरोजगारी, सरकारी नौकरियों और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। कांग्रेस का कहना है कि इन मुद्दों को लेकर वह प्रदेश की जनता के बीच जाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।
पार्टी का फोकस युवाओं, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं और कथित भ्रष्टाचार जैसे विषयों को लेकर जनमत तैयार करने पर रहेगा। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इन मुद्दों को लेकर प्रदेश में व्यापक असंतोष है और आगामी चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
2027 में भाजपा के सामने सत्ता बरकरार रखने की चुनौती
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा के सामने लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की चुनौती है, जबकि कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए संगठन को नए सिरे से मजबूत करने में जुटी है।
इसी राजनीतिक मुकाबले के बीच दोनों दल बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता के बीच पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। 17 अगस्त की कांग्रेस बैठक इसी चुनावी तैयारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कांग्रेस का अगला कदम क्या होगा?
दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद कांग्रेस के आगामी डेढ़ महीने के कार्यक्रमों की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय नेताओं के उत्तराखंड दौरे, प्रदेश स्तरीय अभियान, कार्यकर्ता सम्मेलन और जनसंपर्क कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की राजनीतिक बिसात तेजी से तैयार हो रही है। भाजपा के संगठनात्मक अभियानों के बीच कांग्रेस ने भी अपनी गतिविधियां तेज करने का फैसला किया है। 17 अगस्त की दिल्ली बैठक में तय होने वाली रणनीति यह स्पष्ट करेगी कि कांग्रेस आने वाले महीनों में किन मुद्दों के साथ जनता के बीच उतरेगी और किस तरह बूथ स्तर से लेकर प्रदेश संगठन तक चुनावी तैयारी को मजबूत करेगी।


