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मसूरी में मेडिकल स्टोरों की जांच में खुली लापरवाही की पोल, कहीं फार्मासिस्ट नदारद तो कहीं एक्सपायरी दवाओं का ढेर

मसूरी, देहरादून | 12 अगस्त 2026

पर्यटन नगरी मसूरी में मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की बिक्री और रखरखाव को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। ‘सेफ ड्रग्स-सेफ लाइफ’ अभियान के तहत किए गए संयुक्त औचक निरीक्षण में कई मेडिकल स्टोरों में नियमों का पालन नहीं मिला। कहीं फार्मासिस्ट मौजूद नहीं थे, तो कहीं एक्सपायर हो चुकी दवाएं सामान्य दवाओं के साथ रखी मिलीं। कुछ प्रतिष्ठानों में लाइसेंस संबंधी खामियां, खराब फ्रिज और वैक्सीन के निर्धारित तापमान में भी लापरवाही पाई गई।

जांच के बाद गंभीर अनियमितताओं वाले तीन मेडिकल स्टोरों में दवाओं की खरीद-बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई है। संबंधित संचालकों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

‘सेफ ड्रग्स-सेफ लाइफ’ अभियान के तहत हुई जांच

उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर मसूरी में मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मानेन्द्र सिंह राणा और औषधि निरीक्षक विनोद जुगलान की टीम ने विभिन्न मेडिकल स्टोरों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान दवाओं के रखरखाव, वैध लाइसेंस, फार्मासिस्ट की उपलब्धता, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, एक्सपायर दवाओं के निस्तारण, नारकोटिक्स दवाओं के रिकॉर्ड, फ्रिज और तापमान व्यवस्था तथा सीसीटीवी समेत कई बिंदुओं की जांच की गई।

हैमर्स मेडिकोज में कई गंभीर खामियां

हैमर्स मेडिकोज में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। जांच टीम को एक्सपायर दवाएं सामान्य दवाओं के साथ रखी हुई मिलीं। मेडिकल स्टोर में दवाओं के अलावा दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं भी बिक्री के लिए रखी गई थीं।

स्टोर में सीसीटीवी की व्यवस्था नहीं मिली और रैक की सफाई भी संतोषजनक नहीं पाई गई। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए टीम ने दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी। संचालक से स्पष्टीकरण मांगा गया है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।

अग्रवाल मेडिकोज में वैक्सीन के तापमान में लापरवाही

अग्रवाल मेडिकोज की जांच में भी कई कमियां सामने आईं। निरीक्षण के समय फार्मासिस्ट अवकाश पर थी, लेकिन उसकी अनुपस्थिति में दवाओं की बिक्री किए जाने की बात सामने आई।

जांच टीम ने फ्रिज में रखी वैक्सीन का तापमान निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया। इसके अलावा एक्सपायर दवाएं भी अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं। कुछ दवाएं कटी हुई अवस्था में मिलीं और स्टोर की सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी।

गंभीर अनियमितताओं के चलते टीम ने स्टोर बंद कराया और दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी।

ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर में भी कार्रवाई

ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर के निरीक्षण में फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिली। एक्सपायर दवाओं को अलग और सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी।

दवाओं को सुरक्षित तापमान पर रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला फ्रिज खराब पाया गया। इसके बाद टीम ने स्टोर को तत्काल बंद कराते हुए दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी। संचालक को खराब फ्रिज बदलने के निर्देश भी दिए गए।

ए. जेम्स एंड कंपनी का लाइसेंस मिला समाप्त

ए. जेम्स एंड कंपनी मेडिकल स्टोर में संचालक वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में लाइसेंस की अवधि समाप्त मिली। लाइसेंस नवीनीकरण से संबंधित दस्तावेज भी टीम के सामने प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

यहां भी एक्सपायर दवाएं सामान्य दवाओं के साथ रखी मिलीं, जबकि खरीद और बिक्री से संबंधित अभिलेख भी व्यवस्थित नहीं थे। टीम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हो जातीं, तब तक दवाओं की बिक्री नहीं की जाएगी।

पायनियर मेडिकल स्टोर को सुधार के निर्देश

पायनियर मेडिकल स्टोर में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट और संचालक दोनों मौजूद मिले। हालांकि यहां भी एक्सपायर दवाओं के रखरखाव में खामी सामने आई।

स्टोर का फ्रिज चालू था, लेकिन उसमें तापमान प्रदर्शित करने की उचित व्यवस्था नहीं मिली। संचालक ने बताया कि एक्सपायर दवाओं को संबंधित कंपनी को वापस किया जा रहा है। वहीं, नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड भी टीम के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

जांच टीम ने संचालक को सभी कमियों को जल्द दूर करने और दवाओं के रखरखाव की व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुसार करने के निर्देश दिए।

पर्यटकों के लिए भी महत्वपूर्ण है दवा सुरक्षा

मसूरी में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं और स्थानीय आबादी के साथ पर्यटक भी जरूरत पड़ने पर मेडिकल स्टोरों से दवाएं खरीदते हैं। ऐसे में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति, एक्सपायर दवाओं का सामान्य दवाओं के साथ रखा जाना और वैक्सीन के तापमान में लापरवाही सीधे लोगों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।

दवाओं के रखरखाव में छोटी सी चूक भी मरीजों के लिए गंभीर परेशानी खड़ी कर सकती है। इसलिए मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए दवा भंडारण, तापमान नियंत्रण और एक्सपायर दवाओं के निस्तारण से जुड़े नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

कार्रवाई के साथ जागरूकता पर भी जोर

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य केवल मेडिकल स्टोरों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना तथा मेडिकल स्टोर संचालकों को नियमों के प्रति जागरूक करना भी है।

उन्होंने कहा कि दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण और नियमों के अनुसार बिक्री में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निष्कर्ष

मसूरी में हुए औचक निरीक्षण ने मेडिकल स्टोरों की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन प्रतिष्ठानों में दवा बिक्री पर रोक और अन्य दुकानों को सुधार के निर्देश दिए जाने से साफ है कि दवाओं के रखरखाव और बिक्री में नियमों की अनदेखी को अब गंभीरता से लिया जा रहा है। आने वाले दिनों में यदि इस तरह के निरीक्षण लगातार जारी रहते हैं, तो मेडिकल स्टोरों में व्यवस्थाओं को बेहतर करने के साथ आम लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।

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