स्थान: टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड
दिनांक: 20 अगस्त 2026
टिहरी झील में साहसिक पर्यटन को नई दिशा देने और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल के तहत 15 दिवसीय जल क्रीड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान, गोवा के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 20 युवाओं ने हिस्सा लिया।
5 अगस्त से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण 19 अगस्त 2026 तक चला। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को जल क्रीड़ा से जुड़ी तकनीकी जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान, गोवा की ओर से प्रमाणित लाइसेंस प्रदान किया जाएगा। इस लाइसेंस की मान्यता भारत के साथ-साथ मध्य-पूर्व क्षेत्र में भी होने की बात कही गई है।
तीन चरणों में पूरा हुआ प्रशिक्षण
15 दिवसीय प्रशिक्षण को तीन अलग-अलग चरणों में विभाजित किया गया था। शुरुआती पांच दिनों में प्रतिभागियों को जीवन रक्षक और लाइफ सेविंग तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें आपात स्थिति में लोगों की सहायता करने और जल दुर्घटनाओं के दौरान बचाव के जरूरी तरीकों की जानकारी दी गई।
इसके बाद अगले पांच दिनों तक पावर बोट हैंडलिंग और टिलर संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को नाव संचालन की तकनीक, सुरक्षा उपायों और व्यावहारिक परिस्थितियों में पावर बोट को नियंत्रित करने की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के अंतिम पांच दिनों में युवाओं को वाटर स्कीइंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को जल क्रीड़ा गतिविधियों के संचालन और सुरक्षा से संबंधित आवश्यक कौशल में दक्ष बनाना रहा।
प्रदेश के विभिन्न जिलों से चुने गए 20 युवा
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों से चयनित 20 युवाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की निगरानी में जल क्रीड़ा गतिविधियों की बारीकियां सिखाई गईं।
समापन कार्यक्रम में राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान, गोवा से प्रतिनियुक्त प्रशिक्षक प्रवीण सिंह रावत और विराज शिंदे मौजूद रहे। इसके अलावा उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के जल क्रीड़ा विशेषज्ञ भूपेंद्र सिंह, ऑफिसर कमांडिंग विपिन मिश्रा, डिप्टी कमांडेंट आशुतोष बिष्ट सहित पर्यटन विभाग के प्रतिनिधियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
प्रशिक्षण के बाद मिलेगा प्रमाणित लाइसेंस
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले युवाओं को राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान, गोवा की ओर से प्रमाणित लाइसेंस प्रदान किया जाएगा। इस लाइसेंस की मान्यता भारत के अलावा मध्य-पूर्व क्षेत्र में भी होने से प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के संभावित अवसरों का दायरा बढ़ सकता है।
लाइसेंस मिलने के बाद युवा जल क्रीड़ा से जुड़ी गतिविधियों में व्यावसायिक रूप से अपनी सेवाएं देने के लिए अधिक सक्षम हो सकेंगे। इससे टिहरी झील और राज्य के अन्य जल पर्यटन स्थलों पर प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
साहसिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
टिहरी झील को उत्तराखंड में साहसिक और जल पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। झील में लगातार बढ़ रही जल क्रीड़ा गतिविधियों के बीच प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत भी बढ़ रही है।
पर्यटन विभाग का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही राज्य के प्राकृतिक जल स्रोतों को साहसिक पर्यटन के बड़े केंद्रों के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की नई संभावनाएं
टिहरी झील में जल क्रीड़ा गतिविधियों के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। प्रशिक्षण प्राप्त युवा बोट संचालन, जल क्रीड़ा गतिविधियों और पर्यटकों की सुरक्षा से जुड़े कार्यों में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
इस पहल से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही कौशल और रोजगार के अवसर मिलने की संभावना बढ़ेगी। वहीं प्रशिक्षित युवाओं की उपलब्धता से पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर जल क्रीड़ा सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
उत्तराखंड को साहसिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी
उत्तराखंड में पर्यटन की संभावनाएं केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं हैं। पहाड़ों, झीलों और नदियों के कारण राज्य में साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं हैं। टिहरी झील को इसी दिशा में विकसित किए जा रहे प्रमुख केंद्रों में शामिल किया जा रहा है।
जल क्रीड़ा प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ युवाओं की टीम तैयार करने के साथ-साथ उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से बढ़ावा देने में मददगार साबित हो सकते हैं।
निष्कर्ष
टिहरी झील में संपन्न हुआ 15 दिवसीय जल क्रीड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय युवाओं के कौशल विकास और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। 20 युवाओं को लाइफ सेविंग, पावर बोट संचालन और वाटर स्कीइंग का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रमाणित लाइसेंस मिलने के बाद इन युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। यदि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार जारी रहते हैं, तो टिहरी झील उत्तराखंड में जल क्रीड़ा पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय रोजगार का भी प्रमुख केंद्र बन सकती है।


