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दुकान की आड़ में चल रहा था नशीली दवाओं का कारोबार, एसओजी ने आरोपी को दबोचा; भारतीय-नेपाली मुद्रा बरामद

चंपावत | 10 सितंबर 2026

चंपावत जिले के बनबसा में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी कथित तौर पर बैग बेचने और रिपेयरिंग की दुकान की आड़ में प्रतिबंधित एवं नशीली दवाइयों की बिक्री कर रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने बड़ी मात्रा में नशीली दवाइयां, कोडीन सिरप के साथ भारतीय और नेपाली मुद्रा भी बरामद की है।

ऑपरेशन प्रहार के तहत हुई कार्रवाई

नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत चंपावत एसओजी और थाना बनबसा पुलिस की संयुक्त टीम ने मीना बाजार क्षेत्र में कार्रवाई की। एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक कमलेश भट्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि बैग बिक्री एवं रिपेयरिंग की दुकान की आड़ में नशीली दवाइयों का कारोबार किया जा रहा है।

सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने दुकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान दुकान के अंदर से विभिन्न प्रकार की प्रतिबंधित और नशीली दवाइयां बरामद हुईं। इसके बाद पुलिस ने मौके से एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसे गिरफ्तार कर लिया।

तलाशी में मिलीं कई प्रकार की नशीली दवाइयां

पुलिस के मुताबिक दुकान से अल्प्राजोलम की 126 टैबलेट, 67 प्रतिबंधित कैप्सूल, प्रॉक्सी एसपीएएस के 1323 कैप्सूल, वी+वी केयर के 100 कैप्सूल और कोडीन सिरप की 10 शीशियां बरामद की गईं।

दवाइयों के अलावा पुलिस को मौके से 30,700 नेपाली रुपये और 9,060 भारतीय रुपये भी मिले। पुलिस इस रकम को नशीली दवाओं की बिक्री से जोड़कर जांच कर रही है।

बदायूं का रहने वाला है गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने मामले में बंटी सिंह पुत्र चिचेदर पाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी मूल रूप से इस्लामनगर, बदायूं, उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया गया है और वर्तमान में फागपुर, थाना बनबसा, चंपावत में रह रहा था।

पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

पीलीभीत और बरेली से खरीदकर बनबसा में बेचता था दवाइयां

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह नशीली दवाइयां पीलीभीत और बरेली से खरीदकर बनबसा क्षेत्र में लाता था। इसके बाद इन्हें भारतीय और नेपाली नागरिकों को कथित तौर पर ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी को प्रतिबंधित दवाइयां कहां से मिलती थीं और इस अवैध कारोबार में उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। साथ ही दोनों राज्यों के बीच चल रहे संभावित सप्लाई नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

आरोपी पर पहले भी दर्ज हो चुका है मुकदमा

पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ वर्ष 2025 में थाना बनबसा में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अब नशीली दवाइयों की बरामदगी के मामले में उसके खिलाफ थाना बनबसा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

निष्कर्ष

बनबसा में हुई इस कार्रवाई से एक बार फिर सीमावर्ती क्षेत्र में नशीली दवाइयों की अवैध सप्लाई को लेकर पुलिस की चिंता सामने आई है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर दवाइयों के स्रोत और सप्लाई चैन से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना है।

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