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पाकिस्तानी गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ा रुड़की का युवक एटीएस की गिरफ्त में, पूछताछ में हुए कई चौंकाने वाले खुलासे

रुड़की/देहरादून | 29 मई 2026

उत्तराखंड के रुड़की से पकड़े गए युवक मुशर्रफ को लेकर यूपी एटीएस की जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पाकिस्तानी गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किए गए मुशर्रफ ने पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां दी हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी की गतिविधियां संदिग्ध रही हैं और उसके संपर्क देश से बाहर सक्रिय नेटवर्क तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।


जानकारी के मुताबिक रुड़की के ढंढेरा क्षेत्र निवासी मुशर्रफ की पढ़ाई केवल पांचवीं कक्षा तक हुई है। आर्थिक तंगी के कारण उसने कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था। पहले उसने कारपेंटर का काम सीखा और बाद में वेल्डिंग का कार्य करने लगा। बताया जा रहा है कि बीती 12 मई को वह मसूरी के कैंपटी गांव पहुंचा था, जहां वह एक ठेकेदार के साथ वेल्डिंग का काम कर रहा था।


पूछताछ में मुशर्रफ ने अपने परिवार की स्थिति के बारे में भी जानकारी दी। उसने बताया कि उसका एक भाई बाइक मिस्त्री का काम सीख रहा है, जबकि उसके पिता गांव में चिनाई मिस्त्री के तौर पर मजदूरी करते हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद उसके संपर्क संदिग्ध लोगों से बने, जिसने उसे गंभीर मामलों तक पहुंचा दिया।


एटीएस सूत्रों के अनुसार मुशर्रफ की मुलाकात सहारनपुर जिले के ढिक्का कलां गांव निवासी महकाब से लुधियाना में काम के दौरान हुई थी। महकाब एक कार कंपनी में वेल्डिंग का ठेका लिए हुए था और वहीं दोनों के बीच दोस्ती हुई। बाद में यही संपर्क जांच एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया।


मुशर्रफ ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया कि उसके मोबाइल फोन में सेव पाकिस्तानी नंबर महकाब ने ही डाला था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उस नंबर के जरिए किन लोगों से संपर्क किया गया और बातचीत का उद्देश्य क्या था। सूत्रों का कहना है कि एटीएस डिजिटल साक्ष्यों और मोबाइल डेटा की गहन जांच कर रही है।


पूछताछ में एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुशर्रफ ने बताया कि वह अपने एक रिश्तेदार के कहने पर जालंधर रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक अस्पताल में वेल्डिंग का काम करने गया था। वहां कथित तौर पर एक नर्स के साथ अभद्रता के आरोप में उसके साथ काम कर रहे युवक की बाउंसरों ने पिटाई कर दी थी। उसने आरोप लगाया कि इस दौरान उसके साथ भी गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई।


मुशर्रफ ने एटीएस को बताया कि इस घटना के बाद वह बेहद नाराज था और उसने महकाब को एक वॉयस मैसेज भेजा था। कथित तौर पर उसने कहा था कि अस्पताल को बम से उड़ाना है। इसके बाद महकाब ने अस्पताल की लोकेशन और तस्वीर मांगी थी। मुशर्रफ के अनुसार उसने करीब आधे घंटे बाद अस्पताल की फोटो और लोकेशन भेज दी थी, जिस पर महकाब ने जवाब दिया कि “यह काम हो जाएगा।”


जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले को आतंकी नेटवर्क, गैंगस्टर कनेक्शन और संभावित साजिश के एंगल से जांच रही हैं। एटीएस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी केवल बातचीत तक सीमित था या किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी चल रही थी।


निष्कर्ष

रुड़की के युवक मुशर्रफ से जुड़े खुलासों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों ने पाकिस्तानी गैंगस्टर नेटवर्क और संदिग्ध संपर्कों की ओर इशारा किया है। एटीएस अब डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड और आरोपी के संपर्कों की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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